क्या भास्कर का दिल्ली एडिशन पहली तारीख से बंद हो रहा है?

Arvind K Singh : दैनिक भास्कर का दिल्ली संस्करण बंदी की कगार पर… थोड़ी देर पहले अपने मित्र और विख्यात कलमकार भाई अवधेश कुमार से जानकारी मिली कि दैनिक भास्कर का दिल्ली संस्करण 1 सितंबर 2013 से नहीं निकलेगा…इस खबर से दुख हुआ…मेरे कई दोस्त वहां हैं जिन्होंने अपने श्रम से इस अखबार को जमाया… हालांकि यही एक ऐसा अखबार है जिससे मेरा लेखक के तौर पर रिश्ता रहा नहीं… पत्रकारिता के शुरुआती दिनों में मेरे कुछेक लेख वहां छपे थे लेकिन बाद में मैने कभी लिखा नहीं…लेकिन यह खबर पीड़ाजनक है…

शिवानन्द द्विवेदी सहर दिल्ली और राष्ट्रीय संस्करण एक ही है न ?
 
Rudra Bhanu Pratap Singh ek ke bad ek jis tarah se ye ghatanae ho rahi hai kya uska asar ptrakarita par nahi pdesa .
 
Vijay Kumar Singh दुखद जानकारी। सैकडो की संख्या में इस न्युज पेपर में काम कर रहे लोगो की रोजगार समाप्त होगी। वही हजारो की संख्या के वैसे पाठक जिनको इस अखबार से गहरा लगाव हो गया होगा। उनका इससे संबंध विछेद हो जाएगा।
 
Ashis Kumar Mehrotra really very sad news.
 
Sandeep Yash aage aage dekhiye hota hai kya…. ab aisi khabaron ki aadat pad jaani chahiye
 
Ghansham Dass Sad very sad
 
Avaidya Nath Dubey क्‍या नेशनल एडिशन? यहां से तो बिजनेस भास्‍कर भी छपता है। कहीं बिजनेस वाला तो नहीं बंद होने जा रहा?
 
Laxman Singh i have sympthy thos who have become unemployed but no sympathy with its news..its a porn akhbaar..dont u know how they published a false news of jnu girlhttp://subalternsex.blogspot.in/2013/08/porn-journalism-foul-trend.html
 
Arvind Jaiteelak kya fark padta hai. dhero lajwab, shandar akhbar desh-samaj ke liye aabhi maujud hain…………..
 
Anil Pandey Sorry
 
Vivek Shukla अरविंद जी,अगर इस खबर में रत्तीभर भी सच्चाई है तो वास्तव में ये बहुत दुखद है। मुझे दैनिक भास्कर में काम करने का मौका मिला करीब एक साल तक। तब मैं इसकी पाठक संख्या का मैं कायल हो गया।
 
Dataram Chamoli खबर वाकई पीड़ाजनक है।
 
Ramesh Singh Really its painful……………..
 
Rashtriya Janmorcha बहुत दुखद
 
Reena Sopam Bauddhik sankraman ka samay kareeb dikhta hai
 
Janki Sharan Dwivedi Really painful……….
 
पवन प्रणव सुन कर बेहद दुख हो रहा है…
 
Anil Khamparia नेताओं और अफ़्सरों को छोड़ कहीं सेवा सुरक्षा नहीं..

वरिष्ठ पत्रकार अरविंद कुमार सिंह के फेसबुक वॉल से.

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