‘क्या मंत्री जी आईटम ठीक था ना?’ … डिप्टी मेयर के मोबाइल में हैं कई सफेदपोशों के राज

'का मंत्री जी आईटम ठीक था ना?' यह आवाज दर्ज है बिहार के गया जिले के डिप्टी मेयर ओंकारनाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव के उस मोबाइल में जिसे कोतवाली पुलिस ने जब्त किया है। गौरतलब है कि मोहन श्रीवास्तव और उसके पांच अन्य साथियों को पटना की कोतवाली पुलिस ने बीते 6 दिसम्बर की रात पटना के फ्रेजर रोड स्थित होटल सम्राट इंटरनेशनल और मारवाड़ी आवास गृह से रंगरेलियां मनाते गिरफ्तार किया था। इन लोगों के साथ दो लड़कियों को भी गिरफ्तार किया गया था।

एक नया खुलासा यह है कि इन लड़कियों में से एक को एक कांग्रेसी नेता सह एक पूर्व मंत्री रहे राजनेता के लिए ही लाया गया था जिन्होंने 5 जनवरी की रात होटल सम्राट में एक लड़की के साथ रात भर रंगरेलियां मनायी। उक्त पीड़ित लड़की ने भी पुलिस को अपने दिए बयान में यह बताया है कि उस नेता को मोहन श्रीवास्तव और उनके साथ रहे लोग मंत्री जी कहकर संबोधित कर रहे थे।

विश्वस्त सूत्रों के अनुसार मोहन श्रीवास्तव सैमसंग कंपनी का जो महंगा स्मार्ट फोन बरामद किया गया है उसमें रंगरेलिया मनाते सफेदपोशों सहित विभिन्न व्यक्तियों की 80 से ज्यादा वीडियो क्लिीपिंग और तस्वीरें कैद है, यहां तक कि गया के उन पार्षदों का भी जो मोहन श्रीवास्तव के साथ गिरफ्तार हुए। इस मामले में मोहन श्रीवास्तव के करीबी एक पूर्व मंत्री की संलिप्तता भी है, जो 6 जनवरी को मोहन श्रीवास्तव की गिरफ्तारी की खबर सुनते ही रातो रात सड़क मार्ग से रांची चला गया और अभी तक वहां डेरा डाल झारखंड सरकार में दूसरे नंबर के अपने एक स्वजातीय मंत्री से बिहार सरकार पर मामले को रफा-दफा कराने या पटना के एसएसपी मनु महाराज का स्थानांतरण कराने का दबाव बनवा रहा है।

सूत्र बताते हैं कि गया की कोतवाली पुलिस ने बीते 25 दिसम्बर को मोहन श्रीवास्तव के भतीजे अमित कुमार के ‘स्वर्गलोक’ नामक जिस पार्लर पर छापेमारी कर अनैतिक देह व्यापार का भंडाफोड़ कर तीन युवतियों को हिरासत में लिया था उस पार्लर में भी गुप्त कैमरे लगे थे जिसके फुटेज का उपयोग बाद में ब्लैकमेलिंग करने के लिए किया जाता था। यह पार्लर जहां चल रहा था वह मकान मोहन की पत्नी मनीषा श्रीवास्तव के नाम से है। बताया जाता है कि उक्त पूर्व मंत्री की एक ही पार्टी में रहने के कारण पूर्व से ही होटल सम्राट के मालिक व पूर्व विधान पार्षद अजय सिंह से घनिष्ठ संबंध हैं जिसके कारण ही मोहन श्रीवास्तव और उनके लोगों का इस होटल में आने-जाने और ठहरने का क्रम शुरू हुआ।

पटना के पत्रकार विनायक विजेता के फेसबुक वॉल से.

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