क्या मेसीडोनिया चला गया सुब्रत रॉय का परिवार!

शीर्ष सत्ता गलियारे में अचानक यह सुगबुगाहट फैली है कि क्या सुब्रत रॉय के परिवार के कुछ खास सदस्य विदेश चले गए? विदेश जाना कोई खास खबर नहीं है, लेकिन मौजूदा समय में जब सहारा समूह के अभिभावक सुब्रत रॉय जेल में बंद हों और उनका परिवार विदेश चला जाए तो यह खबर है। शुक्रवार की देर रात दिल्ली से लेकर लखनऊ तक सत्ता और कानून के शीर्ष गलियारे में यह बात चल रही थी कि सहाराश्री का परिवार मेसीडोनिया चला गया।

इस खबर की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सुब्रत रॉय परिवार के मेसीडोनिया स्थानान्तरित होने की खबर को सुब्रत रॉय के अपने घर में नजरबंद रखने के प्रस्ताव को सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज किए जाने के फैसले से जोड़ कर देखें तो कारण और तर्क दोनों स्पष्ट दिखता है।

नौ अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रत रॉय का प्रस्ताव नामंजूर किया और एक ही दिन बाद उनके परिवार के विदेश चले जाने की सनसनाहट फैल गई। सात अप्रैल को सुब्रत रॉय ने धन जमा करने वाला प्रस्ताव वापस ले लिया था। दो दिन के अंदर तेजी से बदले घटनाक्रम ने भी सुब्रत परिवार के 'विदेश प्रस्थान' का रहस्य गाढ़ा कर दिया है। सत्ता गलियारे में चर्चा चल रही थी कि सुब्रत रॉय सहारा की पत्नी स्वप्ना रॉय, बड़े बेटे सुशांतो रॉय और उनकी पत्नी ऋचा रॉय, छोटे बेटे सीमांतो रॉय और उनकी पत्नी चांदनी रॉय अपने बच्चों के साथ मेसीडोनिया 'शिफ्ट' हो गए। इन लोगों के विदेश जाने पर कोई मनाही भी नहीं थी और ये सामान्य तरीके से कहीं भी आ-जा सकते हैं, लेकिन अभी की असामान्य स्थिति के कारण अगर यह 'शिफ्टिंग' हुई है तो यह विचारणीय है।

सहारा समूह का लंदन, अमेरिका और कनाडा में कारोबार है। लंदन का सर्वाधिक प्रतिष्ठित होटल 'ग्रॉसवेनर हाउस' खरीदने का श्रेय भी सहारा समूह को ही प्राप्त है। न्यूयॉर्क के प्रतिष्ठित मैनहटन सेंट्रल पार्क स्थित होटल न्यूयॉर्क प्लाजा और ड्रीम न्यूयॉर्क भी सहारा समूह खरीद चुका है। लेकिन सहारा समूह का सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट छोटे यूरोपीय देश मेसीडोनिया में चल रहा है। मेसीडोनिया में सुब्रत रॉय की गिरफ्तारी को सदमे की तरह लिया गया था क्योंकि बहुत ही लघु आबादी वाले आर्थिक रूप से कमजोर इस देश को सहारा से बहुत उम्मीदें लग गई थीं। मेसीडोनिया के प्रधानमंत्री निकोला ग्रुवस्की और वित्त मंत्री ज़ोरान स्टावरस्की ने भी सुब्रत रॉय के मेसीडोनिया में स्वागत में कोई कसर नहीं छोड़ी थी।

मेसीडोनिया में सहारा के बृहद डेयरी प्रोजेक्ट और लेक ओहरिड के लुबनिस्ता गांव में विशाल होटल निर्माण पर काम हो रहा है और इस प्रोजेक्ट पर सुब्रत रॉय की गिरफ्तारी का कोई असर नहीं पड़ा है। सहारा समूह के खास सूत्र बताते हैं कि सुब्रत रॉय के बड़े बेटे सुशांतो रॉय अपने परिवार के साथ मेसीडोनिया में ही रह रहे हैं। अब तो उन्हें वहां की नागरिकता भी मिल चुकी है, ऐसा सहारा समूह के जानकार बताते हैं। सुशांतो मेसीडोनिया के स्कॉपी में अपने कार्यालय से प्रोजेक्ट का काम संचालित कर रहे हैं।

सहारा के पारिवारिक सूत्र ने बताया कि सुशांतो रॉय नवरात्र पर मेसीडोनिया से लखनऊ आए थे और वापस चले गए। सहारा प्रबंधन से जुड़े जिन भी अधिकारी से इसकी आधिकारिक पुष्टि हो सकती थी, उनसे सम्पर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन स्वाभाविक है कि ऐसे मुद्दे पर प्रबंधन का कोई अधिकारी कुछ नहीं बोलेगा। सुब्रत रॉय के परिवार की विदेश में शिफ्टिंग की वजहें तो हैं ही। लोगों को इसकी प्रतीक्षा भी रही है। लेकिन सुब्रत रॉय की गिरफ्तारी के कारण ऐसी आशंका फिलहाल टल गई थी। आपको याद ही होगा कि पिछले साल 21 नवम्बर को सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रत रॉय के विदेश जाने पर रोक लगा दी थी, जिसका सहारा ने पुरजोर विरोध किया था।

लेखक प्रभात रंजन दीन लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार हैं और वायस आफ मूवमेंट अखबार के संपादक हैं.

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