क्‍यों काटजू साहब! आज संजय को माफ कर दो कल सलमान को?

संजय दत्त को सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सजा के तौर पर 5 साल जेल में रहने का आदेश दिया है। संजय दत्त को इस सजा के सुनाए जाने के बाद से संजय दत्त के चाहने वाले किसी भी तरह इस सजा को कम करने के लिए सोच रहे हैं। प्रेस परिषद के प्रमुख मार्कंडेय काटजू तक ने महाराष्ट्र के राज्यपाल से संजय दत्त को माफ करने की अपील की और उनकी इस अपील को देखकर हर किसी को यह लग रहा है कि राज्यपाल शायद संजय दत्त को माफी दे दें।

मार्कंडेय ने राज्यपाल को एक लेटर लिखकर राज्यपाल से संजय दत्त को माफ करने की गुजारिश की है। एक तरफ जहां लोक मार्कंडेय की इस अपील से काफी खुश हैं वहीं कुछ लोगों को लग रहा है कि मार्कंडेय को इस तरह का कदम नहीं उठाना चाहिए क्योंकि इससे लोगों को लगेगा कि यहां कि कानून व्यवस्था अमीर और गरीब के लिेए अलग अलग है। मार्कंडेय की इस अपील के बारे में पूछे जाने पर कुछ वकीलों का कहना है कि मार्कंडेय ने अगर कोई अपील की है तो राज्यपाल इस मामले को फिर से सोच सकते हैं और अपने विशेषाधिकार का प्रयोग करके संजय दत्त को राहत भी दे सकते हैं। लेकिन आम लोगों का कहना है कि अगर कानून संजय दत्त को माफ कर देगा और बरी कर देगा तो इससे यही साबित होगा कि अगर अमीर चाहेगा तो वो कानून से आसानी से छूट सकता है।

वहीं अगर आज संजय दत्त की जगह कोई आम इंसान होता तो क्या उसे लेकर भी इस तरह की बातें या फिर इतनी कोशिश की जाती। शायद नहीं। वैसे लोग मार्कंडेय की इस अपील को लेकर अलग अलग राय दे रहे हैं कोई इसे राजनीतिक पार्टियों से जोड़ रहा है तो कोई इसे निजी तौर पर लेकर गंभीर हो रहा है। नरेंद्र राशिनी जो के अहमदाबाद के रहने वाले हैं का कहना है अरे भाई संजूबाबा को सुप्रीम कोर्ट से पहले राज्यपाल के पास जाना था। काटजू को पता नहीं कि सुप्रीम कोर्ट का फरमान आखिरी होता है। दिल्ली के विश्व का कहना है क्या बम धमाकों में काटजू साहब का अपना कोई मरा होता तब भी वो सजा माफ करने की सिफारिश करते। सजा माफ करने से आम जनता में क्या संदेश जाएगा। यही ना कि सारे कानून सिर्फ कमजोर को परेशान करने के लिेए बने हैं।

अभिषेक का कहना है कि अरे कोई फांसी की सजा थोड़े हुी है और अगर संजय दत्त को माफ कर दिया जाएगा तो सलमान खान, शाहरुख खान, गोविंदा सभी को माफ करना पड़ेगा। मोइन का कहना है संजय दत्त को सजा काटनी होगी। वरना ऐसी गलतफहमी हो जाएगी कि दो तरह के कानून होते हैं। एक गरीब के लिए और दूसरा मशहूर लोगों के लिए। एक बात और यह तो कानून में कहीं नहीं लिखा कि अगर क्रमिनल के बच्चे हों तो सजा नहीं या कम सजा मिलनी चाहिए। जितने गरीब जेल में सजा काट रहे हैं उनके भी बच्चे हैं। (वनइंडिया)

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