राजस्थान के टोंक जिले के निवाई क्षेत्र में वनकर्मियों की मिलीभगत से धड़ल्ले से हो रहे अवैध खनन की गत दिनों पंजाब केसरी सहित अन्य समाचार पत्रों में छपी खबरों की जांच करने शुक्रवार को आए विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में 20-25 खनन माफियाओं ने पंजाब केसरी पत्रकार निर्भयराम मीणा पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे यह पत्रकार गंभीर रुप से घायल हो गया। हमलावारों ने पत्रकार का फोटो कैमरा भी तोड़ दिया तथा उसकी जेब में रखे 14 हजार रुपए भी छीनकर ले गए।
उल्लेखनीय होगा कि निवाई के रक्तांचल पर्वत में लम्बे समय से बडे़ स्तर पर किए जा रहे अवैध खनन की पंजाब केसरी सहित कुछ समाचार पत्रों में कई बार खबरें प्रकाशित हुई थी, जिसकी जांच के लिए शुक्रवार 30 मार्च को करीब 2 बजे वन विभाग के कई विभागीय अधिकारी आए थे। उनकी लाल-नीली बत्ती की गाडिय़ा देख लोगों ने पत्रकार को सूचित किया। इस पर समाचार व फोटो

कवरेज के लिए पहुंचे निर्भयराम मौके मौजूद अधिकारियों व लोगों की फोटो खिंच ही रहे थे कि वनकर्मी एवं अवैध खनन माफिया ने पत्रकार को जाति सूचक शब्दों से अपमानित करते हुए मारपीट शुरु कर दी तथा मौके पर वनकर्मियों को झूठी गवाही देने आए खनन माफियाओं ने भी पत्रकार पर ताबड-तोड़ जानलेवा हमला कर दिया।
हमलावरों पत्रकार का फोटो कैमरा भी तोड़ दिया तथा जेब में रखे 14 हजार रुपए भी छीन ले गए। हमलावारों ने पत्रकार को मरा समझकर बीच सड़क पर डालने के बाद फरार हो गए, जबकि विभागीय एसीएफ व डीएफओ ने पत्रकार के साथ मारपीट के वन कर्मी को अपनी सरकारी कार में बिठाकर मौके से भाग छूटे। पत्रकार पर जानलेवा हमले की खबर लगते ही समूचे जिले के पत्रकारों में भारी रोष व्याप्त हो गया। घटना की सूचना पत्रकार संघ जार के जिलाध्यक्ष भगवान सहाय शर्मा ने पुलिस अधीक्षक भूपेन्द्र साहू एवं जिला कलेक्टर डा. आरुषि अजेय मलिक को सूचना दी। इस निवाई पुलिस ने पीडि़त पत्रकार की ओर से मामला दर्ज कर जांच पुलिस वृत्ताधिकारी जीवनराम विश्रोई के सुपूर्द की गई।





