खुद को परेशान और बेसहारा बता रहा आदमी डीएम के सामने हुआ नंगा

डिण्डौरी। कलेक्टर कार्यालय भवन में जनसुनवाई चल रही थी। अंदर कक्ष में उपस्थित अधिकारी आवेदकों की समस्याओं को सुन रहे थे और बाहर फरियादियों का जमावड़ा लगा हुआ था तभी अचानक वहां एक शख्स नग्न अवस्था में पहुंचा तो माहौल में सन्नाटा छा गया। जवान और स्वस्थ व्यक्ति को नग्न अवस्था में देखकर लोग अचंभित रह गये।

काफी देर तक यह शख्स इसी अवस्था में यहां-वहां चहलकदमी करता रहा जिसे उपस्थितजन दूर से ही देखकर दांतोंतले उंगलियां दबाये हुये थे। बताया गया कि यह व्यक्ति जनपद पंचायत बजाग अंतर्गत ग्राम पंचायत ऊफरी में सचिव रहा है जिसे किन्हीं आरोपों के बाद पद से हटा दिया गया था। यही वजह है कि युवक ने नग्न होकर अपना विरोध व्यक्त किया है। अधिकारियों से विरोध दर्ज कराने के इस अंदाज को देखकर प्रशासन क्या देखने वाले हर तबके के लोग हैरत में हैं।

नग्न अवस्था में कलेक्टर कार्यालय में चहलकदमी करने वाले व्यक्ति का नाम अरविन्द बघेल है जो १९९५ से लेकर २००८ तक ग्राम पंचायत उफरी में सचिव पद पर कार्यरत था। सूत्रों की माने तो इसके ऊपर शासकीय राशि का गबन तथा विभिन्न आरोप लगने के बाद इसके विरूद्ध कार्यवाई करते हुए सचिव पद से उसे हटा दिया गया था। सूत्र यह भी बताते हैं कि पंचायत में फर्जीवाड़े को अंजाम देने वाले पूर्व पंचायत सचिव के विरूद्ध पुलिस थाने में भी मामला दर्ज कराया गया है।

आधिकारिक सूत्रों की माने तो यही वजह है कि व्यक्ति द्वारा इस प्रकार की हरकत की गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार के कृत्य से आरोपों में पर्दा नहीं डाला जा सकता। इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी आला अफसरों को लगने के बाद एसडीएम फौरन ही व्यक्ति के पास पहुंचे गये और उसे फटकार लगाई लेकिन पूर्व सचिव ने एसडीएम की बातों को गंभीरता से नहीं लिया इसके बाद एसडीएम द्वारा सिटी कोतवाली फोन लगाकर व्यक्ति के विरूद्ध कार्यवाई करने के निर्देश पुलिस को दिये गये।

सिटी कोतवाली के प्रधान आरक्षक अकबर खान ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर पूर्व सचिव को कपड़े पहनने की समझाइश दी जिसके बाद उसे सिटी कोतवाली ले जाया गया। वहीं इस पूरे घटनाक्रम में पूर्व सचिव अरविन्द का कहना है कि वह जिंदगी से परेशान है, उसका कोई सहारा नही है।

सूत्रों की माने तो प्रशासन द्वारा उसे बर्खाश्त कर दिये जाने तथा उसे जेल भेजे जाने के कारण वह मानसिक रूप से परेशान है। जानकार ऐसा बताते हैं कि स्वयं के ऊपर लगे गंभीर आरोपों से बचने के लिए पूर्व सचिव द्वारा इस प्रकार का प्रयास किया जा रहा है। पूर्व सचिव के बारे में यह भी बताया गया है कि पूर्व कलेक्टर को इसके द्वारा एक आवेदन पत्र दिया गया था जिसमें निराधार बातों का भी उल्लेख किया गया था। यह मामला उस समय चर्चा का विषय बना हुआ था।

एसडीएम डीएस परस्ते का कहना है कि यह व्यक्ति ग्राम पंचायत सचिव के पद पर कार्यरत था जिस पर गंभीर आरोप लगे थे जिसके बाद उसे बर्खास्त कर दिया गया था। संभवतरू इसी बात से कुंठित होकर उसके द्वारा इस प्रकार का कृत्य किया गया है जो उचित नही है। व्यक्ति के विरूद्ध कानूनी कार्यवाई की जा रही है।

इन्दीवर कटारे की रिपोर्ट.

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