खेलें मसाने में होरी… पीटें प्रेत थपोरी… (सुनें)

खेलें मसाने में होरी, दिगम्बर खेलें मसाने में होरी
भूत पिशाच बटोरी, दिगम्बर खेलें मसाने में होरी। 

लखि सुन्दर फागुनी छटा के
मन से रंग गुलाल हटा के
चिता भस्म भर झोरी, दिगम्बर खेलें मसाने में होरी।

गोप न गोपी श्याम न राधा
ना कोई रोक ना कवनो बाधा
अरे ना साजन ना गोरी, दिगम्बर खेलें मसाने में होरी 

नाचत गावत डमरूधारी
छोड़े सर्प गरल पिचकारी
पीटें प्रेत थपोरी, दिगम्बर खेलें मसाने में होरी।

भूतनाथ की मंगल होरी
देखि सिहायें बिरज की छोरी
धन धन नाथ अघोरी, दिगम्बर खेलें मसाने में होरी।


पंडित छन्नूलाल मिश्रा की आवाज में उपरोक्त लाइनों को सुनने के लिए नीचे दिए गए आडियो प्लेयर को प्ले कर दें…

khele masaane mei hori digambar…

पंडित छन्नूलाल

(सुनें)

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