गुलाबी गैंग में अब सड़क पर ‘गैंगवार’ : संपत पाल और जय प्रकाश शिवहरे में जूतम पैजार (देखें तस्वीरें)

Ashish Sagar Dixit : यह तस्वीरें गत मंगलवार की हैं. बुंदेलखंड के बहुचर्चित गुलाबी गैंग में हुई दो-फाड़ के बाद बीते एक माह से संपत पाल और गुलाबी गैंग के राष्ट्रीय संयोजक जय प्रकाश शिवहरे में जुबानी जंग चल रही थी. रुपयों के घालमेल को लेकर संपत पाल सबके निशाने पर थीं. यहाँ तक कि गुलाबी गैंग के सदस्यों ने जय प्रकाश शिवहरे के साथ मिलकर संपत पाल को कमांडर पद से हटा दिया था. अब संपत पाल अपने बल बूते ही गुलाबी गैंग को बुलंदी पर पहुचाने का डंका पीट रही थी.

अन्दर खाने का सच ये भी है कि संपत को गुलाबी बनाने वाले ये जय प्रकाश शिवहरे ही थे जिन्होंने इनके लिए जिला फतेहपुर का अपना घर-बार सब छोड़ा. संगठन में खटास की वजह धन है. उधर अपने नए रूप में संपत का कांग्रेसीकरण भी हो चुका था जिसके कारण वे अन्य सदस्यों को महत्त्व नहीं देती थीं. अपने परिवार को आगे बढ़ाने का सपना और ग्राम प्रधान पुत्र को गुलाबी गैंग की बागडोर देने के चलते यह चिंगारी भड़की है. 25 मार्च को बाँदा जिले के कचहरी परिसर में संपत पाल और जय प्रकाश शिवहरे में कहासुनी हुई. नौबत यहां तक आ गई कि जूतम पैजार हो गई.

बांदा की मीडिया ने जहाँ गुलाबी गैंग को भारत से लेकर विदेश तक पंहुचा दिया वहीं हाल ही में माधुरी दीक्षित अभिनीत गुलाब गैंग फिल्म को लेकर संपत पाल चर्चा में रही हैं. लेकिन कहते हैं न जब सपने आवश्यकता से अधिक ऊंचे होने लगे और रुपया हवश के रूप में उतरे तो हंगामा होना बनता है. और वैसे भी दुनिया में जर-जोरू और जमीन के लिए ही संघर्ष है….

बुंदेलखंड के युवा और तेजतर्रार पत्रकार आशीष सागर दीक्षित के फेसबुक वॉल से.

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