गुलाब कोठारी एवं प्रो. गोपीचंद नारंग को मूर्तिदेवी पुरस्‍कार

राजस्‍थान पत्रिका के संपादक एवं हिंदी के रचनाकार गुलाब कोठारी को 2011 के 24वां तथा उर्दू के विद्वान प्रो. गोपीचंद नारंग का वर्ष 2010 के 23वें मूर्तिदेवी पुरस्कार प्रदान किया जाएगा.  वर्ष 2009 का मूर्तिदेवी पुरस्कार अक्किथं (मलयालम) को दिया गया था. गुलाब कोठारी को यह पुरस्‍कार उनकी कविता 'मैं ही राधा मैं ही कृष्ण' के लिए तथा प्रो. गोपीचंद नारंग को उनकी आलोचनात्मक कृति 'उर्दू गजल और हिन्दुस्तानी जहनो-तहजीब' के लिए यह पुरस्कार देने का निर्णय लिया गया.

इन लोगों के चयन की घोषणा टीएन चतुर्वेदी की अध्यक्षता में गठित निर्णायक मण्डल ने 19 मार्च 2012 को की. निर्णायक मण्डल की बैठक में प्रो. सत्यव्रत शास्त्री, डॉ. प्रतिभा रॉय, प्रो. के सच्चदानंद, प्रो वृषभ प्रसाद जैन, प्रबंध न्यासी साहू अखिलेश जैन और भारतीय ज्ञानपीठ के निदेशक रवीन्द्र कालिया उपस्थित थे. गुलाब कोठारी राजस्थान के चौथे ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्हें इस पुरस्कार के लिए चयनित किया गया. इनसे पहले राजस्थानी में यह पुरस्कार कन्हैयालाल सेठिया को मिला है, जबकि हिन्दी में राजस्थान से यशदेव शल्य और कल्याण मल लोढ़ा को इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.

मूर्तिदेवी पुरस्कार भारतीय ज्ञानपीठ द्वारा भारतीय दर्शन और सांस्कृतिक विरासत पर आधारित मौलिक चिंतन और लेखन के लिए प्रतिवर्ष दिया जाता है. इनके पहले सीके नागराज राव, विष्णु प्रभाकर, विद्यानिवास मिश्र, श्यामाचरण दुबे, शिवाजी सावंत, निर्मल वर्मा, गोविंद चंद्र पाण्डे, एम. वीरप्पा मोइली को यह पुरस्कार प्रदान किया जा चुका है.

 

 
 

 

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