चंद पैसों में बेच देते हैं अखबारों का आई कार्ड!

दिल्ली में कथित अखबार वाले खासतौर पर क्राइम, मानवाधिकार जैसे मिलते जुलते नामों के कथित अखबारों के मालिक अपने अखबारों का कार्ड चंद पैसों में बेच देते हैं और वो चाहे कार्ड लेने वाले अनपढ़ रिक्शे वालों से लेकर माफिया या बिल्डर हों, उन्हें कोई मतलब नहीं है. हालांकि समाचार पत्र का declaration dcp (L) को फाइल करते हुए समाचार पत्र के मालिक से लिखवाया जाता है कि वो कार्ड को बेचेगा नहीं और ना ही किसी भी तरह के सरकारी /पुलिस /फ़ोर्स आदि के लोगो (LOGO) को अपने कार्ड में use करेगा, लेकिन आज भी दिल्ली में कई कथित समाचार पत्र इस नियम की अवहेलना कर रहे हैं. 

ये गलत है और पत्रकारिता के खिलाफ है :  गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सैकड़ों लोगों से हजार, डेढ़ हजार रुपए लेकर विभिन्न समाचार पत्रों के पहचान पत्र बनाकर ठगी करने वाले जालसाज को हजरतगंज पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. जालसाज ने शनिवार को सैकड़ों लोगों को ट्रेनिंग के लिए दारूलशफा में बुलाया था. जालसाजी का भंडाफोड़ होने पर लोगों ने जमकर हंगामा किया। पुलिस ने मौके से ही जालसाज को गिरफ्तार कर लिया. ये गलत है और पत्रकारिता के खिलाफ है और RNI को इस बारे में सख्त नियम बनाने चाहिए.

लेखक प्रदीप महाजन आईएनएस मीडिया से जुड़े हुए हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *