चलिए, मेरी तो लॉटरी खुली, डर का लाभ मिला

Om Thanvi – मेरे मित्र बड़े संवेदनशील हैं और मैं बेशर्म! न्यू योर्क यात्रा में सुपर स्पेशल सिक्योरिटी क्या झेली, मित्रों के यहाँ तक फ़ोन आ रहे हैं! मैं संग्रहालयों और सेन्ट्रल पार्क की हवाखोरी कर रहा हूँ. क्या मेरी भाषा से लगा कि कोई बड़ा हादसा हुआ? रात गयी, बात गयी. अरे भाई, मुसलमान दोस्तों को तो कदम-कदम पर इनसे जूझना पड़ता है. शाहरुख़ खान जैसे शख्स को घंटों बिठाकर पूछताछ करते हैं. अपने साथ यही किया कि एक्स-रे कुछ ज़्यादा कर दिया. दर्ज़ा बढाया ही है. बस उलझन रही तो यही कि मुझ शरीफ़ (?!) को उन्होंने छांटा कैसे? एक अधिकारी से यहाँ यों ही भेंट हुई एक कार्यक्रम में. ज़िक्र छिड़ा तो वह बोला लॉटरी की तरह कभी-कभी रेंडम चेक करते हैं, मशीनरी की सम्हाल के लिए! चलिए, तो मेरी लॉटरी खुली. किसी-न-किसी की ऐसे रोज़ खुलती होगी. कुल मिलाकर बात वही कि डरे हुए लोग हैं. सो इसका लाभ उन्हें दिया! फ़िक्र मत कीजिये, आज लन्दन के लिए निकल रहा हूँ; और इसमें किसी को भला क्या दिक्कत?

अंजू शर्मा shubhkamnayen sir….

Anandmani Tripathi yah to hai bade dil ki badi baat

Anandmani Tripathi jarra sa bhi ashm nahi dikhta

Anandmani Tripathi sach sir isi liye ap ko main koti koti pranam karta hun

 Avanish Pathak आप महान हैं। लोगो का फोन करके आप की शुभ चिंता नही करने चाहिए । आपके फेसबुक अपडेट फॉलो करते रहने चाहिए। हैप्‍पी जर्नी ।

Navneet Pandey around the world…all the best..

 Ashutosh Kumar कोई रहस्य नहीं है . ओम ओसामा से मिलता जुलता है न , बस धर लिया गया .वाय टू टेक रिस्क ..

 Prakash Khatri hawakhori karte rahiyega sir.

 Yogendra Kumar Purohit best wishes and take care..

  Sudhindra Kumar bhagwaan aaplee lottery har baar khule aur aap shah rukh Khan bane aur likhe ek kitab

Anurag Arya वैसे ओम जी ऐसे" डरना " ज्यादा बेहतर है .इससे सुरक्षा बनी रहती है .इस देश को भी डरना चाहिए इसने कई हमले झेले है मैंने तो कई एक्सपेरिएंस किये है जिन दिनों स्वाइन फ्लू का हल्ला देश में था मैंने हैदराबाद की यात्रा की थी .उस वक़्त न तो किसी बाहर आने वाले की जांच हो रही थी ना जाने वालो की .ओर एक बात जब "सो काल्ड प्लेग" सूरत में फैला था .मै सूरत में था हम तीन लोग ट्रेन से दिल्ली में आये कोई जांच नहीं . ओर अब लेटेस्ट आज की खबर हमारे एक मित्र एयरपोर्ट से आज मेरठ आये रस्ते में एक घंटा जाम में फंसे रहे दो एम्बुलेंस भी .कारण? लोग मुरादनगर से मेरठ के रस्ते में सड़क पर नमाज पढने बैठ गए .रास्ता वन लेन हो गया .

Rajshekhar Vyas charewati -charewati………………………

 Subhash Chandra Kushwaha phir bhi mun me pritirodh jinda rhna chahiye.

 अंशुमाली रस्तोगी यात्रा करें, खूब घूमें-फिरें और आनंद लें…

 Karun Acharya apki yatra safal ho masa ji… regards

ओम थानवी के फेसबुक वॉल से साभार.

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