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‘चांपना न्यूज’ में बिना सेलरी के कार्यरत रहे थे ‘महीन कुमार’!

वो कलाकार है. कमाई करने और कराने का. मैनेज करने और कराने का. कभी 'चांपना न्यूज' में रहा तो कभी 'खैनन डन' में गया. ऐसे चिरकुट चैनलों में जाने के पीछे वजह यह रही कि वो मालिकों को लंबा चौड़ा झाम देकर पहुंचा था. उसे एक अदद नौकरी चाहिए थी, अपनी मार्केट इमेज बचाए रखने के लिए, और इन चिरकुट चैनलों के मालिकों को ऐसे फेंकू लोग, जो चांद तारे तोड़ लाने के दावे करें. खैर, 'चांपना न्यूज' में दलाल शिरोमणि इस शर्त पर पहुंचे थे कि वे इंटरव्यू का एक प्रोग्राम करेंगे और इस प्रोग्राम के जरिए चैनल को लाखों रुपये देंगे.

वो कलाकार है. कमाई करने और कराने का. मैनेज करने और कराने का. कभी 'चांपना न्यूज' में रहा तो कभी 'खैनन डन' में गया. ऐसे चिरकुट चैनलों में जाने के पीछे वजह यह रही कि वो मालिकों को लंबा चौड़ा झाम देकर पहुंचा था. उसे एक अदद नौकरी चाहिए थी, अपनी मार्केट इमेज बचाए रखने के लिए, और इन चिरकुट चैनलों के मालिकों को ऐसे फेंकू लोग, जो चांद तारे तोड़ लाने के दावे करें. खैर, 'चांपना न्यूज' में दलाल शिरोमणि इस शर्त पर पहुंचे थे कि वे इंटरव्यू का एक प्रोग्राम करेंगे और इस प्रोग्राम के जरिए चैनल को लाखों रुपये देंगे.

इसी लाखों रुपये से ही उन्हें सेलरी दे दी जाए, ऐसा समझौता था. पर वे जो दावे कर आए थे, उसे पूरा नहीं कर पाए, वे लाखों करोड़ों रुपये नहीं ला पाए, सो उन्हें कई महीनों तक बिना सेलरी के ही वहां वक्त काटना पड़ा. खैर, बिल्ली के भाग्य से छींका टूटा और वो 'ही न्यूज' में इसलिए पहुंच गए क्योंकि 'ही न्यूज' के एडिटर इन चीफ दलाली, लाबिंग, ब्लैकमेलिंग के उस्ताद हैं और उनकी करनी के कारण 'ही ग्रुप' के सारे चैनलों पर ही सवालिया निशान लग चुका है. सो, चैनल और इसके आकाओं को बचाने का अभियान चलाना पड़ रहा है.

इस बचाओ अभियान में 'ही न्यूज' के लाबिस्ट और ब्लैकमेलर एडिटर इन चीफ को अपने ही तरह के ढेर सारे लोग चाहिए. सो उन्होंने दलाल शिरोमणि 'महीन कुमार' से नाता जोड़ा और उनकी गाजेबाजे के साथ ताजपोशी करा दी. देखना है कि महीन कुमार यहां कितने दिन फेंकू प्रसाद बनकर काम कर पाते हैं. उन्हें जो फिलहाल काम दिया गया है वह मालिकों और संपादकों को एक युवा कांग्रेसी नेता के कोपभाजन से बचाना. इस कांग्रेसी नेता के कारण 'ही न्यूज' के मालिक और प्रधान संपादक की छिछोरी हरकत पूरी दुनिया के सामने उजागर हो गई और हर ओर से लोगों ने थू थू किया. संकट मोचक की भूमिका में महीन कुमार किस प्रकार महीन चालें चलेंगे, ये तो वक्त बताएगा. (कानाफूसी)

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

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