चीफ रिपोर्टर ने पैंट उतार कर चीफ सब एडिटर को दिखाया, दोनों सस्‍पेंड

: घटना दैनिक भास्‍कर, रांची कार्यालय की : दैनिक भास्‍कर, रांची से खबर है कि चीफ सब एडिटर मारूति पाण्‍डेय तथा चीफ रिपोर्टर अमरकांत को क्रमश: आठ एवं दस दिन के लिए सस्‍पेंड कर दिया गया है. ये लोग कार्यालय तो आएंगे लेकिन ना तो इनसे काम लिया जाएगा और ना ही इनकी हाजिरी बनेगी. हालांकि जिस तरह की हरकत न्‍यूज रूम में हुई है वह बहुत ही शर्मनाक है. तारीफ करनी होगी स्‍टेट हेड ओम गौड़ की जिन्‍होंने इतनी गलत हरकत के बाद भी संवेदनशीलता दिखाते हुए इन लोगों को सस्‍पेंड किया. अन्‍यथा इनलोगों का कारनामा बर्खास्‍त किए जाने योग्‍य है.

बताया जा रहा है कि रांची में दो-तीन दिन पूर्व दो हत्‍याएं हुई थीं. उसके विरोध में दो दिनों तक रांची बंद था. चीफ रिपोर्टर अमरकांत ने चेंबर ऑफ कामर्स के हवाले से एक खबर लिखी कि बंद से एक हजार करोड़ का नुकसान. इस खबर पर चीफ सब एडिटर मारूति पाण्‍डेय ने आपत्ति जताई तथा शनिवार की शाम को चीफ रिपोर्टर अमरकांत को अपने मोबाइल से कॉल किया. अमरकांत ने उनका मोबाइल पिक नहीं किया. खबर है कि तीन-चार मिनट बाद जब अमरकांत वापस आए तो मारूति पाण्‍डेय उनसे उलझ गए तथा कहा कि आपने फोन क्‍यों नहीं उठाया.

इस पर चीफ रिपोर्टर अमरकांत ने सफाई देते हुए कहा कि मैं शौचालय गया था इस वजह से फोन नहीं उठा पाया. मारूति भड़क गए और अमरकांत पर झूठ बोलने का आरोप लगाने लगे. इस बात को लेकर अमरकांत और मारूति में बहस होने लगी. बताया जा रहा है कि इसी दौरान अमरकांत ने अपनी पैंट उतार दी (हालांकि इनर वियर के उतारे जाने की बात भी कही जा रही है) और कहा कि देखो अभी तक सब कुछ गीला है. अमरकांत की इस हरकत से कार्यालय के कई लोग सन्‍न रह गए.

बताया जा रहा है कि कुछ महिलाकर्मी भी आसपास मौजूद थीं. उनलोगों ने अपनी आंखें बंद कर ली. इसको लेकर काफी देर तक हंगामा हुआ. मामला प्रबंधन तक पहुंचा. इस घटना की जानकारी मिलने के बाद स्‍टेट हेड ओम गौड़ बुरी तरह कुपित हुए. उन्‍होंने तत्‍काल दोनों वरिष्‍ठ पत्रकारों की हरकत पर जमकर डांट लगाई. बताया जा रहा है कि उन्‍होंने पत्रकारों की इस हरकत पर निकाले जाने की चेतावनी तक दे दी, फिर संवेदनशीलता दिखाते हुए अमरकांत को दस दिन तथा मारूति पाण्‍डेय को आठ दिन के लिए सस्‍पेंड कर दिया. बताया जा रहा है कि ओम गौड़ इस घटना से खासे आहत हैं. 

चीफ सब एडिटर मारूति इसके पहले भी चर्चा में रह चुके हैं. वे कुछ दिनों पूर्व कार्यालय के नाइट गार्ड के साथ भी अपने साथियों के साथ मिलकर मारपीट कर चुके हैं. उसी बिल्डिंग में चलने वाले छात्रों के साथ भी उनका संघर्ष हो चुका है. इसको लेकर छात्रों का एक गुट दैनिक भास्‍कर के कार्यालय में भी घुस गया था. बताया जा रहा है कि सस्‍पेंशन के दौरान दोनों लोगों को कार्यालय आना पड़ेगा पर बिदाउट वर्क एवं सेलरी. इन लोगों के संस्‍पेंशन की खबर नोटिस बोर्ड पर भी चस्‍पा कर दी गई है.

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