चुनाव आयोग द्वारा कॉंग्रेस पार्टी का बचाव, झंडे के दुरुपयोग पर लापरवाह

भारत निर्वाचन आयोग ने विभिन्न राजनैतिक पार्टियों द्वारा राष्ट्रीय झंडे का दुरुपयोग किये जाने की शिकायत को नज़रंदाज़ कर दिया है. लखनऊ स्थित सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने आयोग को एक प्रत्यावेदन भेज कर कहा था कि कम से कम चार राजनैतिक पार्टियों- अखिल भारतीय कॉंग्रेस, राष्ट्रवादी कॉंग्रेस पार्टी, अखिल भारतीय तृणमूल कॉंग्रेस तथा बोडोलैंड पीपल’स फ्रंट, के झंडे काफी हद तक राष्ट्रीय झंडे से मिलते जुलते हैं. प्रतीक चिन्ह और नाम (अनुचित प्रयोग निषेध) एक्ट 1950 की धारा 3 में बिना सक्षम प्राधिकारी के अनुमति के राष्ट्रीय झंडा या उसके आभासी प्रतिरूप का प्रयोग गैरकानूनी है.

ठाकुर को भेजे अपने उत्तर में आयोग ने स्वीकार किया कि इस एक्ट का उल्लंघन होने पर दंडात्मक कार्यवाही होनी चाहिए पर स्वयं सूचना मिलने के बावजूद कोई प्रयास नहीं किया. उसने कॉंग्रेस पार्टी के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट के एक निर्णय (बी कृष्ण भट्ट बनाम भारत सरकार) का हवाला भी दिया. ठाकुर के अनुसार आयोग का इस प्रकार पक्ष लेना गलत है क्योंकि इस निर्णय में कहीं भी राष्ट्रीय झंडे के अनुचित प्रयोग पर कार्यवाही करने से रोका नहीं गया था. आयोग ने भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठाकुर द्वारा पार्टियों के झंडों के आवंटन हेतु नियमावली बनाने की मांग को भी अस्वीकार कर दिया.

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