चैनल के रिपोर्टर को ही अपना साथी बताने से इनकार किया कल्‍याण कुमार ने

: पत्रकार रविकांत सिंह से अभद्रता करने के बाद एसपी सोनभद्र  ने हेड से मांगी थी जानकारी : दलाली करने वाले पत्रकार संगठन भी नहीं खड़े हुए रवि के साथ :  अपने अपने चैनलों के लिए जूझने वाले पत्रकारों की हैसियत क्‍या है ये किसी से छिपी हुई नहीं है. पत्रकारों को प्रबंधन टीसू पेपर की तरह इस्‍तेमाल करता है. जब जरूरत हुई यूज कर लिया जब जरूरत हुई थ्रो कर दिया. खबरों के लिए तो चैनल इनको किसी भी हद तक जाने को कहता है, पर जब ये किसी परेशानी में फंसते हैं तो चैनल और वरिष्‍ठ पत्रकार अपने हाथ खड़े कर लेते हैं. ऐसा ही हुआ है सी न्‍यूज सोनभद्र के रिपोर्टर रविकांत सिंह के साथ. जिसने पत्रकारों को सोचने को मजबूर कर दिया है.

रविकांत सिंह सी न्‍यूज के लिए सोनभद्र में अपनी सेवाएं देते हैं. 16 अप्रैल को भी रविकांत सिंह एक मर्डर, जिसमें एक स्‍थानीय विधायक के खास का नाम सामने आ रहा था, के सिलसिल में बाइट लेने एसपी के कार्यालय गए थे. उन्‍होंने जनपद में नए आए एसपी सुभाष चंद्र दुबे से इस मामले में बाइट देने के लिए कहा तो एसपी ने उनकी पहचान पूछी. रविकांत ने जब अपना परिचय दिया तो एसपी उनके आई कार्ड या अथॉरिटी लेटर मांगा. रविकांत ने एसपी को सी न्‍यूज प्रबंधन की ओर से दिया गया अथॉरिटी लेटर दे दिया. इस लेटर में वैधता 31 मार्च तक थी.

इसे देखकर एसपी ने रविकांत को अपशब्‍द कहे. इस पर रवि ने कहा कि वो अब भी चैनल के लिए काम कर रहे हैं तथा नया लेटर जल्‍द ही आने वाला है. एसपी ने रवि को अपने किसी वरिष्‍ठ से बात कराने को कहा, इस पर रवि ने चैनल हेड कल्‍याण कुमार का नम्‍बर उन्‍हें दे दिया. एसपी ने जब रविकांत के काम करने के बारे में जानकारी मांगी तो कल्‍याण कुमार ने रवि के 31 मार्च तक ही चैनल से जुड़े रहने की बात स्‍वीकार की, जबकि रवि की स्‍टोरी इस दौरान भी सी न्‍यूज पर प्रसारित हो रहे थे.

इसके बाद एसपी रविकांत को दलाल एवं कई तरह के अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए, जिले के थाना तथा चौकी के पास दिखाई ना देने की बात कही. इसके बाद रवि ने जब बनारस में अपने ब्‍यूरोचीफ से बात कराकर चैनल में काम करने की पुष्टि करवानी चाही तो ब्‍यूरोचीफ ने भी हाथ खड़े कर लिए तथा एसपी से कह दिया कि उसकी आईडी जब्‍त कर ली जाए. इसके बाद रविकांत से आईडी लेने के उन्‍हें फंसाने के लिए धमकाया जाने लगा, परन्‍तु कोतवाल के पैरवी के बाद उन्‍हें जाने दिया गया.

इस संदर्भ में जब रवि से बात की गई तो उन्‍होंने इतना ही कहा कि वे इस घटना से मर्माहत हैं. मैंने अपनी शिकायत चैनल के एमडी के पास भेज दी है. जब चैनल हेड कल्‍याण कुमार से बात की गई तो उन्‍होंने कहा कि मैंने ऐसा कुछ नहीं कहा. एसपी ने मुझसे अथॉरिटी लेटर के बारे में पूछा तो मैंने बता दिया कि सबके लिए 31 मार्च तक अथॉरिटी लेटर जारी था. अब अगर प्रबंधन मुझे नए लेटर जारी करने के लिए नियुक्‍त करता है तो सभी को नया लेटर जारी किया जाएगा. इसके बाद ही एसपी ने फोन काट दिया. इस स्थिति में काम करने या ना करने की बात ही नहीं आई. इस संदर्भ में जब सोनभद्र के पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र दुबे से मीडियाकर्मी के साथ अभद्र व्‍यवहार करने के बारे में पूछा गया तो उन्‍होंने कहा कि ऐसा कुछ नहीं हैं, यह खबर पूरी तरह गलत है.

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