छत्तीसगढ़ चुनाव में कांग्रेस ने बांटे पत्रकारों को पैसे, एक्सप्रेस के पत्रकार का खुलासा

रायपुर । छत्तीसगढ़ में बेशक कांग्रेस सत्ता बनाने में नाकाम रही हो लेकिन सत्ता हासिल करने के लिए उसने कोई कमी नहीं छोड़ी थी। वैसे यह नई बात तो नहीं है पर कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में चुनाव के दौरान पत्रकारों की खरीद फरोख्त की। राजधानी रायपुर के 100 पत्रकारों और छायाकारों की सूची तय की गई, जिनके लिए 5 हजार से 50 हजार रूपए तय किए गए। यह राशि नकद राशि पार्टी इलेक्शन फंड के नाम पर थी, जो कुल मिलाकर 20 लाख रूपए बनती है। इंडियन एक्सप्रेस ने 14 दिसम्बर के अंक में यह खुलासा किया है। एक्सप्रेस के पत्रकार आशुतोष भारद्वाज ने कांग्रेस के इस खेल का भंडाफोड़ किया है। भारद्वाज को भी यह राशि ऑफर की गई थी लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया और जब उन्होंने विरोध जताया तो कांग्रेस पार्टी को माफी तक मांगनी पड़ी।
 
तमाम खबर तो एक्सप्रेस में है लेकिन हर बार की तरह इस बार फिर यहां अनुवाद किया जा रहा है, जिसमें तमाम सार है। एक्सप्रेस के पत्रकार के पास वह सूची है, जिसमें सभी 100 पत्रकारों और छायाकारों के नाम के आगे राशि लिखी गई है। कांग्रेस की नई बनी मीडिया सेल ने सारा प्रबंध किया। इस मीडिया सेल का गठन ही पत्रकारों को मैनेज करने के लिए किया गया। इस सेल का नेतृत्व पार्टी के महासचिव एवं पूर्व विधायक रमेश वारलयानी ने रायपुर के पत्रकारों एवं छायाकारों की सूची व उनके लिए राशि तय की। वारलयानी को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष मोतीलाल वोरा का नजदीकी बताया जाता है।
 
इंडियन एक्सप्रेस के पास मौजूद सूची में सभी अंग्रेजी व हिंदी के प्रमुख समाचार पत्रों, टीवी चैनलों, न्यूज एजेंसी के पत्रकारों, कैमरामैन व छायाकारों के नाम हैं। 6 पेज की इस सूची में हर पेज पर वारलयानी के हस्ताक्षर हैं। साथ ही हर नाम के आगे राशि लिखी गई है। पत्रकारों के लिए 15 हजार, 25 हजार व 50 हजार और कैमरामैन के लिए 5 हजार रूपए। कुल मिलाकर कांग्रेस ने 20 लाख रूपए मंजूर किए। इस सूची में इंडियन एक्सप्रेस के पत्रकार को नेशनल प्रेस की सूची में रखा गया। वारलयानी ने एक्सप्रेस के पत्रकार को चुनाव के बारे में चर्चा करने के लिए रायपुर के काफी हाउस में बुलाया। वहीं पर उसे कांग्रेस इलेक्शन फंड के नाम पर नगद राशि ऑफर की गई। एक्सप्रेस के पत्रकार ने यह राशि लेने से इंकार कर दिया और बाहर चला आया। बाद में वह वारलयानी से उसके कार्यालय में मिला और इस बारे में जबरदस्त विरोध जताया। वारलयानी ने माफी मांगी और कहा कि उनका इरादा भावनाएं आहत करने का नहीं था।
 
एक्सप्रेस के पत्रकार ने वह सूची हासिल की और बाद में एक्सप्रेस के पत्रकार ने छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष चरण दास महंत और प्रदेश प्रभारी बीके हरिप्रसाद को इस बारे में मैसेज किया। जिसमें लिखा गया कि वे वारलयानी ने उन्हें कांग्रेस इलेक्शन फंड के नाम पर नगद राशि ऑफर की। वे इस बारे में शिकायत दर्ज करवाना चाहते हैं। साथ ही उनका पक्ष भी जानना चाहते हैं, लेकिन कांग्रेस के दोनों ही नेताओं ने इस पर बात करने से इंकार कर दिया। कांग्रेस की इस सूची में एक्सप्रेस के पत्रकार के नाम के आगे 50 हजार रूपए लिखे गए, लेकिन उन्हें 25 हजार रूपए ऑफर किए गए।
 
बाकी पत्रकार भी करें खुलासा
 
इंडियन एक्सप्रेस के पत्रकार ने आगे आकर तमाम खुलासा किया है। जब यह राशि 100 पत्रकारों और छायाकारों के लिए थी तो बाकी भी इस बारे में खुलासा करें। कितने ऐसे हैं जिन्होंने यह राशि ली। कम से कम न लेने वाले ही आगे आएं। यह मामला सिर्फ रायपुर का नहीं है बाकी जगहों पर भी यह खेल चला हो, लेकिन कितनों में दम है, जो स्वीकार कर सकें।
 
युवा और तेजतर्रार पत्रकार दीपक खोखर की रिपोर्ट. संपर्क- 09991680040

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