जनसंदेश टाइम्‍स, बनारस में नहीं मिली सैलरी, कर्मचारी परेशान

जनसंदेश टाइम्‍स, वाराणसी से खबर है कि यहां काम करने वाले कर्मियों को अब तक मार्च महीने की सैलरी नहीं मिली है. कर्मचारी सैलरी को लेकर परेशान हैं. बच्‍चों की फीस ए‍डमिशन समेत कई जिम्‍मेदारियां इसी महीने उनके ऊपर है लेकिन प्रबंधन ने अब तक उनको सैलरी नहीं दी है, जबकि अप्रैल माह भी बीतने वाला है. कर्मचारियों को स्‍पष्‍ट बताया भी नहीं जा रहा है कि उन्‍हें किस तारीख को सैलरी दी जाएगी.

पिछले कई महीनों से जनसंदेश टाइम्‍स, बनारस में सैलरी लेट-लतीफ आ रही है, जिससे कर्मचारी परेशान हैं. उधार-नगद लेकर वे अपने खर्च मैनेज कर रहे हैं. बनारस में अवसर कम होने के चलते कर्मचारी चाह कर भी अखबार छोड़ नहीं पा रहे हैं. पिछले दिनों जनसंदेश टाइम्‍स प्रबंधन ने ब्रांडिंग के नाम पर नाच-गाना कराने के लिए कई लाख रुपये खर्च किए लेकिन कर्मचारियों को सैलरी नहीं दी. इस वजह से भी मीडियाकर्मी नाराज हैं.

मीडियाकर्मियों का कहना है कि प्रबंधन के पास नाच-गाना में फूंकने के लिए पैसे हैं लेकिन कर्मचारियों को सैलरी देने के नाम पर उनके पास पैसे का अभाव है. बताया जा रहा है कि जनसंदेश टाइम्‍स लगातार घाटे में चल रहा है, जिसके चलते प्रबंधन इसमें पैसा इनवेस्‍ट करने में ज्‍यादा दिलचस्‍पी भी नहीं ले रहा है. कंटेंट को लेकर भी यह अखबार अपनी कोई अलग छवि नहीं बना पाया है, जिसका सीधा असर रिवेन्‍यू पर पड़ रहा है. सूत्रों का कहना है कि इस अखबार के अन्‍य यूनिटों का हाल भी ऐसा ही है.

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