जब पीएमओ ट्विटर पर आ गया तो चुनाव आयोग को क्यों परहेज!

: योगेश कुमार शीतल ने मुहिम शुरू की : चुनाव आयोग से लोग बहुत उम्मीद करते हैं. और, चुनाव आयोग अक्सर उम्मीदों पर खरा उतरता भी है. चुनाव को धनबल, बाहुबल आदि से मुक्त कराने में चुनाव आयोग की भूमिका प्रशंसनीय है. पर इधर के दिनों में खुद मीडिया वाले जब पेड न्यूज करने लगे और भ्रष्ट लोगों से मिलकर चुनाव आयोग को चकमा देने की चाल चलने लगे तो स्थिति बहुत जटिल हो गई. मीडिया वालों की पेड न्यूज की हरकत पर नजर रखने के लिए चुनाव आयोग ने नियम कानून बनाए और प्रशासन को कई तरह के निर्देश दिए. इसका नतीजा यह हो रहा है कि पेड न्यूज अब नए नए शक्ल में सामने आ रहा है.

प्रत्याशियों की गल्तियों, गैर कानूनी हरकतों को मीडिया हाउस नहीं छाप रहे हैं क्योंकि इसके लिए उन्हें पैसे मिल चुके हैं. आईआईएमसी से पढ़े हुए योगेश कुमार शीतल जो आरटीआई और मीडिया एक्टिविस्ट के रूप में सक्रिय हैं, ने एक अभियान शुरू किया है, चुनाव आयोग को सोशल साइट्स पर लाने के लिए. योगेश का कहना है कि चुनाव आयोग सोशल साइट्स पर आ जाए तो पढ़े लिखे लोगों को आयोग तक अपनी शिकायत पहुंचाने में आसानी हो जाएगी. योगेश अपने फेसबुक व ट्विटर एकाउंट के जरिए लोगों तक अपनी बात यूं रखते हैं-

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''चुनाव आयोग को सोशल साइट्स पर लाने का काम आपके सहयोग के बिना नहीं हो सकता. कल यानि सोमवार को उन्हें भारी संख्या में इसके लिए पत्र लिखें. पत्र का ड्राफ्ट इस लिंक पर है. आपमें से जो लोग ट्विटर पर हैं वो खुली बहस में शामिल हों और अपने सुझाव दें.''

http://tensionproof.blogspot.com/search/label/%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%87%E0%A4%B7%20%E0%A4%85%E0%A4%AD%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A8

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''साथियों, चुनाव आयोग को ट्वीटर और फेसबुक पर आमंत्रित करने के लिए जो चिट्ठी लिखी गई है उसका ड्राफ्ट आप यहाँ से कापी कर सकते हैं. ड्राफ्ट हिंदी और अंगरेजी दोनों भाषाओँ में है. ट्वीटर पर इस अभियान को भारी समर्थन मिल रहा है. आपसे आग्रह है कि लोकतंत्र में पारदर्शिता लाने और पेड न्यूज़ के खिलाफ हल्ला बोलने में अपना अमूल्य सहयोग दें. पत्र भेजने का पता भी इस लिंक पर है. आपके सुझाव आमंत्रित हैं.''

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चुनाव आयोग को आप भी अगर पत्र लिखकर सोशल साइट्स पर आने के लिए अनुरोध करना चाहते हैं तो नीचे दिए गए मजमून को कट पेस्ट कर सकते हैं…

Letter to CEC
Jan 2012
To,
The Hon’ble Chief Election Commissioner
Nirvachan Sadan
Ashoka Road,
New Delhi – 110001

Subject: ACTION AGAINST PAID NEWS IN ONGOING ASSEMBLY ELECTION IN FIVE STATES OF INDIA

Sir,
          I personally admire your strict leadership in ongoing election and your effort to handle paid news syndrome during election. Sir, despite all your efforts, the parties and candidates are still resorting to this media menace. Media is still indulging in such things due to revenue and profit earning and nexus with corporates and power that be or for some hidden agenda.
          Sir, I will be thankful to you if Election Commission of India will consider and discuss the followings:
A)   CEC should create an official account on social networking sites like facebook, twitter, orkut etc. to facilitate quick update with any such reporting
B)   Names and identity of anyone including Journalists who complain or report such abuse of media before CEC regarding malpractice or Paid News of the media houses, the identity and name must be kept confidential and not disclosed at any cost,
C)   CEC should also publish an advertisement in public interest regarding awareness among people for such social sites of CEC, to let the public know and request them to communicate to Election Commission directly through these sites or SMS for which Mobile numbers should also be given.

With Regards:

A citizen of India


सेवा में,
मुख्य चुनाव आयुक्त,
नई दिल्ली।

विषय- चुनाव में पारदर्शिता लाने हेतु सुझाव देने के संबंध में

महाशय,

निवेदनपूर्वक कहना है कि देश के पांच राज्यों में शुरू हुये विधानसभा चुनाव के दौरान पेड न्यूज की समस्या से आप भलीभांति अवगत हैं। चुनाव के दौरान कई संदिग्ध गतिविधियां ऐसी हैं जिसे देश की मुख्यधारा की मीडिया व्यवसायिक हितों अथवा अन्य कारणों से प्रकाश में लाने से बचती है। कोरपोरेट से मजबूत होते रिश्ते के कारण भारतीय मीडिया में लगातार हो रहे संक्रमण से भी आप वाकिफ हैं। ऐसी स्थिति में यह अच्छा होगा कि भारत चुनाव आयोग सोशल मीडिया के माध्यम से सीधे लोगों से संवाद स्थापित करे।
      अतः महाशय से विनम्र निवेदन है कि इन बिन्दुओं पर विचार किया जाये,
क.   चुनाव आयोग सोशल नेटवर्क साइट्स मसलन ट्वीटर और फेसबुक पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराये ताकि आम लोगों से उसका सीधा संवाद हो सके,
ख.   किसी अखवार या चैनल का कोई पत्रकार अगर चुनाव आयोग को अपने संस्थान में पेड न्यूज प्रकाशित करने की खबर देता है तो ऐसे पत्रकारों का नाम गोपनीय रखा जाये,
ग.   चुनाव आयोग सोशल मीडिया पर सक्रियता के साथ ही जनहित में एक विज्ञापन जारी कर लोगों को इस बारे में जागरूक करे।

श्रीमान का विश्वासी,
एक नागरिक


पत्र भेजने का पता :

Election Commission of India
Nirvachan Sadan,
Ashoka Road, New Delhi-110001
Tel: 011-23717391 Fax: 011-23713412
feedbackeci@gmail.com


ट्विटर पर हो रही बहस की एक झलक आप यहां देख सकते हैं…

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