जरा देखिए तो आचार्य बालकृष्ण की यह अनैतिकता

Subhash Chandra Kushwaha :  इस गाड़ी को आप देख रहें हैं न? उन तथाकथित बाबा की है जो भारतीय राजनीति की दिशा बदलने चले हैं. उन्हें इस बात का पता तो होना ही चाहिए की मोटर गाड़ी अधिनियम १९८८ के अनुसार कोई भी व्यक्ति निजी गाड़ी पर पदनाम/ नाम नहीं लिखेगा. उत्तर प्रदेश में तो सरकारी वाहन पर भी फ़िलहाल पदनाम/ नाम नहीं लिखा जायेगा. नंबर प्लेट सिर्फ रोमन लिपि में लिखा जाता है. अक्षरों तथा अंकों की ऊंचाई ६५ मिलीमीटर, मोटाई १० मिलीमीटर, दो अक्षरों /अंको के बीच दूरी १० मिलीमीटर होनी चाहिए. यहाँ आप देख रहें हैं न कमाल.

उत्तराखंड का नंबर प्लेट इस प्रकार लिखा जाना चाहिए- UK 08- 0001. मगर बाबा हैं भाई! कानून का क्या डर. आयुर्वेदिक दवाओं के नाम पर तो उन्होंने अपने उत्पादों में धातुओं की इतनी मात्रा मिला दी कि विदेशों से भगा दिए गए. हमीं हैं कि श्रद्धा से खाए जा रहे हैं …पतंजलि का उत्पाद है भाई! यह अंकों की छोटे से बड़े में सजाने का कानून आश्रम का होगा, देश पर काहें लाद रहे बाबा !

पत्रकार सुभाष चंद्र कुशवाहा के फेसबुक वॉल से.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *