जागरण के बवाली रिपोर्टर लोकेश को सपा नेता ने बचाया!

बदायूं के प्रतिष्ठित होटल रीजेंसी में बवाल करने वाले लोकेश के विरुद्ध पुलिस कार्रवाई करने का मन बना चुकी थी, लेकिन भयभीत लोकेश एक सपा नेता की शरण में चला गया, जिससे पुलिस का इरादा बदल गया, पर पुलिस ने सपा नेता का नाम सार्वजनिक कर दिया, जिससे परेशान लोगों में लोकेश के साथ सपा नेता के प्रति रोष व्याप्त है। उल्लेखनीय है कि बदायूं के दैनिक जागरण कार्यालय में ब्यूरो चीफ के पद पर तैनात लोकेश ने एक अन्य रिपोर्टर के साथ मिल कर लाबेला चौक स्थित प्रतिष्ठित होटल रीजेंसी में 14-15 अगस्त की रात में जमकर बवाल किया था।

बताया जाता है कि शराब के नशे में धुत लोकेश साथी रिपोर्टर के साथ आधी रात में कमरा लेने पहुंचा था, पर प्रबंधक द्वारा आईडी प्रूफ मांग लेने पर बवाल शुरू कर दिया। प्रबंधक ने हंगामा करने से मना किया, तो उसके साथ बदतमीजी भी की। इतना ही नहीं, होटल में वेश्यावृति होने की झूठी खबर देकर पुलिस को भी बुला लिया। सदर कोतवाली पुलिस के साथ सीओ सिटी ने खुद होटल को कई बार खंगाला, लेकिन होटल में ऐसा कुछ नहीं मिला, इसके बावजूद लोकेश ने पुलिस के सामने ही होटल के प्रबंधक के साथ बदतमीजी की।

हालात बिगड़ते देख पुलिस ने लोकेश और साथी रिपोर्टर को घर भेज दिया, पर बेवजह हुई बदतमीजी और हंगामे से आक्रोशित प्रबंधक ने सदर कोतवाली में रात में ही नामजद तहरीर दे दी थी। पुलिस पर कार्रवाई करने का दबाव बन रहा था और पुलिस कार्रवाई करने को तैयार भी थी, जिसकी भनक किसी तरह लोकेश को लग गई। भयभीत लोकेश एक सपा नेता की शरण में चला गया, तो सपा नेता की सिफारिश के चलते पुलिस ठंडी पड़ गई।

उधर हाल ही में खुले मेगा मार्ट शोरूम की लोकेश ने फर्जी खबर छापी थी। मेगा मार्ट शोरूम पंजाबी समाज के प्रतिष्ठित व्यक्ति का है और अब जिस होटल रीजेंसी में लोकेश ने बवाल किया है, वह भी पंजाबी समाज के ही प्रतिष्ठित व्यक्ति का है, जिससे लोकेश के प्रति समाज के अधिकाँश लोग आक्रोशित हैं। सूत्रों का यह भी कहना है कि व्यापार से जुड़े होने के कारण अभी भले ही सभी मौन हैं, लेकिन समय आने पर लोकेश को बचाने वाले सपा नेता को भी सटीक जवाब दिया जायेगा।

बदायूं स्थित दैनिक जागरण कार्यालय में तैनात ब्यूरो चीफ लोकेश प्रताप सिंह का तांडव बढ़ता ही जा रहा है। शहर के प्रतिष्ठित होटल रीजेंसी में क्राइम रिपोर्टर ग्रीश पाल के साथ उसने रात जमकर बवाल किया। कोतवाली पुलिस के साथ पहुंचे सीओ सिटी ने किसी तरह स्थिति संभाल ली, जिससे और बवाल होने से बच गया। होटल के प्रबंधक ने दोनों के विरुद्ध नामजद तहरीर सदर कोतवाली में दी है, लेकिन सुबह तक मुकदमा नहीं लिखा गया है।

रीजेंसी होटल के प्रबंधक की तहरीर के अनुसार बीती रात करीब 11: 30 बजे शराब के नशे में धुत लोकेश प्रताप सिंह और ग्रीश पाल आये और होटल में कमरा देने को कहा, जवाब में प्रबंधक ने आईडी मांगी, तो दोनों लोग उसे गलियां देने लगे, प्रबंधक ने गालियों का विरोध किया, तो दोनों ने प्रबंधक को पीटा ही नहीं, बल्कि पुलिस को यह कह कर बुला लिया कि होटल में वेश्यावृति कराने वाली लड़कियां हैं। शिकंजा कसने की बजाये पुलिस ने भी लोकेश के दबाव में होटल को तीन बार खंगाला, पर होटल में ऐसा कुछ नहीं मिला, इस बीच प्रबंधक ने मालिक को सूचना दे दी एवं सीओ सिटी भी मौके पर आ गये और नशे में धुत लोकेश व ग्रीश को उनके घर भेज दिया, साथ ही प्रबंधक को ही समझाने लगे, पर बेवजह हुई बदतमीजी से आक्रोशित प्रबंधक ने दोनों के विरुद्ध सदर कोतवाली में रात में ही तहरीर दे दी, लेकिन पुलिस ने सुबह तक मुकदमा दर्ज नहीं किया है, जिससे मामला बढ़ सकता है।
जंगल में टुन्न अवस्था में बैठे लोकेश का एक और फाइल फोटो

उल्लेखनीय है कि शराब पीकर तांडव करना लोकेश के लिए आम बात हो गई है। आये दिन कहीं न कहीं बवाल करता ही रहता है, पर एसपी सिटी मानपाल सिंह चौहान का खुला सरंक्षण होने के कारण पुलिस लोकेश के विरुद्ध कार्रवाई नहीं कर पाती। लोकेश के सताए लोगों में एसपी सिटी मानपाल सिंह चौहान के विरुद्ध भी रोष पनप रहा है, पर वह सब नज़र अंदाज़ कर रहे हैं। लोकेश के कुकृत्यों के बारे में संपादक, महाप्रबंधक और मालिक को भी पीड़ित लोगों ने अवगत करा दिया है, लेकिन जागरण प्रबंधन भी लोकेश पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है, जिससे लोकेश का दुस्साहस लगातार बढ़ता ही जा रहा है।

खैर, रात की घटना को लेकर एक सवाल सभी के मन में बार-बार उठ रहा है कि लोकेश और ग्रीश बदायूं में परिवार सहित रहते हैं, तो रात के 11:30 बजे इन लोगों को होटल में कमरा लेने की क्या जरुरत पड़ गई, इस सवाल का जवाब पुलिस ही ले सकती है, पर एसपी सिटी के सरंक्षण के चलते पुलिस इस सवाल का जवाब लोकेश और ग्रीश से शायद ही ले पाये।

बदायूं से बीपी गौतम की रिपोर्ट.

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