जागरण, जमशेदपुर में फिर पुरानी खबर नई बनाकर परोसी गई

स्‍वयं को दुनिया का सबसे अधिक पढ़ा जाने वाले अखबार के रूप में प्रचारित करने वाला दैनिक जागरण पाठकों को किस प्रकार दिन के उजाले में बेवकूफ बना रहा है इसकी एक और बानगी जमशेदपुर में सामने आयी है। पुरानी खबर को चोरी करके बिना अतिरिक्‍त इनपुट उसे पुनर्प्रकाशित कर पाठकों को गुमराह करने वालों में इस बार नाम जुडा है दैनिक जागरण जमशेदपुर के एक और वरिष्‍ठ पत्रकार का। इन्‍होंने एक माह पूर्व 20 मई को सभी अखबार में छपी पुरानी खबर को पाठकों के सामने नये अंदाज में ऐसे परोस दिया मानों ख्‍ाबर कल की ही हो। हालांकि जागरण के इस पत्रकार की चोरी भी गूगल ने ही पकड ली है। इस तरह जागरण जमशेदपुर के संपादकीय प्रभारी जितेन्‍द्र शुक्‍ला का एक और नौरत्‍न बेनकाब हो गया है।

दैनिक जागरण, जमशेदपुर ने 22 जून के अंक में पहले पन्‍ने पर ''दलमा के इंको सेंसेटिव जोन बनने से डिमना से पारडीह तक निर्माण पर रोक'' की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया है। इस ख्‍ाबर में यह स्‍पष्‍ट किया गया है कि पूरे दलमा क्षेत्र इको सेंसेटिव जोन में आ गया है और अभ्‍यारण्‍य से सटे क्षेत्रों को सं‍रक्षित क्षेत्र घो‍षित करने की अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। खबर मे यह स्‍पष्‍ट नहीं कर पाठकों में जरुर अंधेरे में रखा गया कि अधिसूचना कब जारी की गयी पर यह बताया गया है कि इसे लेकर क्‍या प्रभाव सामने-आने वाले है। दिलचस्‍प बात यह है कि दैनिक जागरण ने ही 20 मई को रांची से प्रकाशित अपने ही खबर में दलमा को सेंसेटिव जोन घोषित करने व अधिसूचना जारी करने की खबर छापी है। इसी खबर का प्रकाशन प्रभात खबर ने अपने 7 मई के अंक में विस्‍तार से किया था। इसी खबर से जुड़ी खबर जागरण पहले 17 नवम्‍बर 2011 को प्रकाशित कर चुका है। इसके बावजूद एक बार फिर हुबहू उसी खबर को जमशेदपुर में दैनिक जागरण ने 22 जून को फिर से प्रमुखता से पहले पन्‍ने पर छापा वह भी अस्‍पष्‍ट व अधूरे तथ्‍यों के साथ।

बेतरतीब कुप्रबंध और चोरी की खबरों को उड़ाकर छापने को लेकर हमेशा से रहे चर्चा में रहे जमशेदपुर दैनिक जागरण में ऐसे तो कई बडे़ उदाहरण रहे हैं। लेकिन इस बार चोरी की खबर को फिर से प्रकाशित कराने वाले सज्‍जन वहीं हैं जिन्‍हें संपादकीय प्रभारी जितेन्‍द्र शुक्‍ला ने कुछ दिन पूर्व ही कमजोर हो रही रिपोर्टिंग को नया धार देने के नाम पर मोर्चे पर उतारा है। इससे पूर्व संपादकीय प्रभारी जितेन्‍द्र शुक्‍ला के नवरत्‍नों में शामिल एक संवाददाता ने तो नवम्‍बर 11 में प्रबंधन व पाठकों को बेवकूफ बनाते हुए एक ही खबर चार से अधिक बार प्रकाशित कराया था। पुरानी ही खबर की हूबहू नकल (अब इंटरनेट पर आदिवासियों की जोड़ी) हेडिंग से हर बार बाइलाइन। लेकिन इस रिपोर्टर की जालसाली को गूगल ने पकड लिया था। इसके बाद शुक्‍ला के दूसरे नवरत्‍न ने तो 25 दिन पुरानी दूसरे अखबारों से खबर उडाकर सबको अचंभित किया, (बिना डाटाकार्ड रहिए आन लाइन) 2 मई को पूरे देश भर के सभी समाचार पत्रों में छपी इस खबर को 27 मई को जमशेदपुर दैनिक जागरण ने प्रमुखता से फिर से छापा।

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

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