जागरण मोदी के मोहपाश में कैद हो चुका है

एक जागरुक पाठक होने के नाते यह बात पिछले एक महीने से खटक रही है कि अख़बारी दुनिया में भी राजनीति का रंग इस क़दर छाया है कि देश का सबसे बड़ा अख़बार कहा जाने वाला दैनिक जागरण भी इस मोह से बच नहीं सका. पिछले एक महीने के ही अख़बार उठा कर देखे जाएं तो यह यकीन हो जाएगा कि नरेन्द्र मोदी को पहले पेज पर छापने में दैनिक जागरण ने कितनी दिलचस्पी दिखाई है जबकि अमर उजाला ने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए समाज से पूरी तरह ताल्लुक़ रखने वाली खबरों को ही प्रमुखता दी है. 
 
नरेन्द्र मोदी के बयानों और उनकी रैलियों को हेडलाइन बनाने, तस्वीरें छापने में जागरण अखबार इतना आगे रहा कि अन्य राजनेताओं की रैलियों, सुप्रीम कोर्ट के अहम फैसलों और जनसरोकार से जुड़ी खबरों को ही अहमियत देना भूल गया. एक जागरुक पाठक होने के नाते अपनी बात इस पोर्टल पर इसलिए कही ताकि इसका व्यापक असर हो सके.
 
भड़ास के एक पाठक द्वारा भेजा गया पत्र

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