जाने माने साहित्यकार राजेन्द्र यादव का निधन

हिन्दी साहित्य और नयी कहानी के प्रमुख हस्ताक्षर राजेन्द्र यादव नहीं रहे. वे 84 वर्ष के थे. कल देर रात सांस लेने में तकलीफ होने के चलते अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया.
 
राजेन्द्र यादव का जन्म 28 अगस्त 1929 को उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में हुआ था. उन्होंने प्रारम्भिक तथा उच्च शिक्षा आगरा में ही पाई. उन्होंने आगरा विश्वविद्यालय से 1951 में हिन्दी विषय से एमए किया था. वे हंस के सम्पादक थे. उन्होंने ही हंस का पुनर्प्रकाशन 1986 में प्रारम्भ किया था.
 
राजेन्द्र यादव ने हिन्दी साहित्य में नयी कहानी की शुरुआत की थी. वे अपने लेखन में महिलाओं के अधिकारों तथा समाज के वंचित तबकों के लिये आवाज उठाते रहे थे. वे अपनी बेबाक बयानी के लिये भी जाने जाते थे. वे हर मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखते थे. 
 

उनका पार्थिव शरीर दिल्ली के मयूर विहार स्थित उनके घर पर रखा गया है. आज दोपहर उनका संस्कार किया जायेगा. लेखिका मन्नू भंडारी के साथ उनका विवाह हुआ था. उनकी एक बेटी भी है.

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