जी न्यूज और सुधीर चौधरी को लेकर फेसबुक पर छिड़ी बहस

भड़ास ने नवीन जिंदल द्वारा जी न्यूज और जी बिजनेस के संपादकों के खिलाफ दर्ज कराए गए मुकदमें के बारे में खुलासा किया तो उसके बाद कई अंग्रेजी अखबारों ने इससे संबंधित खबरों का प्रकाशन किया और अब फेसबुक-ट्विटर जैसे मंचों पर इस प्रकरण की चर्चा शुरू हो गई है. हर कोई अपने तरीके से इस मामले को देख रहा है. नीचे जो चुनिंदा प्रतिक्रियाएं प्रकाशित की गई हैं, वह फेसबुक से ली गई हैं और फेसबुक पर चल रही बहस के महत्वपूर्ण अंश हैं.

Pushkar Pushp :  ज़ी न्यूज़ के संपादक सुधीर चौधरी पर नवीन जिंदल ने ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया है. आरोप साबित नहीं हुआ है और शायद कभी साबित भी न हो. लेकिन किसी नेता पर जब ऐसे आरोप लगते हैं तो न्यूज़ चैनल वाले उससे इस्तीफा मांगते हैं. क्या उसी नैतिकता से सुधीर चौधरी को भी अपना इस्तीफा नहीं दे देना चाहिए? हालाँकि सवाल पूछ कर खुद अपने आप पर हंसी आ रही. उमा खुराना प्रकरण याद आ गया….

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सुधीर चौधरी का लाइव इंडिया और ज़ी न्यूज़ में आगमन एक ही तरीके से हुआ. दोनों चैनलों में उनके कदम पड़े और चैनल की साख पर बट्टा लगा. सुधीर चौधरी निर्दोष हैं कि नहीं ये तो बाद में पता चलेगा. फिलहाल ज़ी न्यूज़ की साख खतरे में है.

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सुधीर चौधरी ज़ी न्यूज़ आये और सतीश के सिंह लाइव इंडिया गए. उस वक्त किसी ने मीडिया खबर पर लिखा था कि कहीं ज़ी न्यूज़, लाइव इंडिया और लाइव इंडिया, ज़ी न्यूज़ न बन जाये. यह आंकलन कुछ तो सही साबित हुआ. लाइव इंडिया में उमा खुराना प्रकरण और ज़ी न्यूज़ में ब्लैकमेलिंग का मामला.

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नवीन जिंदल का मैं समर्थक नहीं. न उससे कोई हमदर्दी है. लेकिन सुधीर चौधरी पर ये आरोप गंभीर है. नवीन जिंदल ने कुछ आडियो – वीडियो भी प्रमाण के रूप में जमा कराये हैं. ऐसा सुनने में आया है. यहां न नवीन का समर्थन न किया जा रहा है और न सुधीर चौधरी को दोषी करार दिया जा रहा है. लेकिन ऐसा आरोप लगना भी कोई मामूली बात नहीं.


Alok Punj : सतीश के सिंह जैसे एक अच्छे इंसान को हटा कर ज़ी न्यूज़ को आह तो लगनी ही थी. वैसे भी ज़ी न्यूज़ कई लोगों का पैसा मार कर बैठा है. अब ज़ी न्यूज़ बदनामी के बोझ तले दबा रहे और सुधीर चौधरी जैसे लोगों को तवज्जो देता रहे. आखिर कभी तो पाप का घड़ा फूटना ही था. शुरुआत हो चुका है. अभी भी वक्त है,  जिस भी रिपोर्टर का रुपया मार कर बैठा है, उसे बाईज्ज़त बुला कर दे दें. नहीं तो ऐसे ही आगे भी बदनामी झेलता रहेगा चैनल…. वैसे भी बड़े बड़े चैनल्स ब्लैकमेलिंग के धंधे पर ही आश्रित हैं, अपने रिपोर्ट्स का शोषण के साथ साथ उन्हें भी ब्लैकमेल करने से नहीं पीछे हटते हैं. मीडिया आज शोषण का सबसे बड़ा अड्डा बन चुका है. जो रिपोर्टर्स समाज में शोषित लोगों की खबर चैनल तक पहुंचाता है, सच्चाई यही है कि वो रिपोर्टर खुद उस चैनल में शोषित होता है…..  उस चैनल के मालिक उसका शोषण करते हैं…. ज़ी न्यूज़ मेरा भी लाखों रुपया मार कर बैठा है, कोई मुझे ज़ी न्यूज़ से मेरा बकाया दिलवा सकता है…? ये अलग बात है मैं भी मीडिया का ही एक अंग हूँ पर मीडिया के कालिख सने कोठरी में अब तक बेदाग़ रहा हूँ, पर आज का मीडिया चोरों और लुटेरों से भरा पड़ा है. जो हकीकत है. चौथा स्तंभ का मतलब गंदगी का अंतिम पायदान है. अंत में बस इतना ही कहूँगा मेरे उठाये इन सवालों का जवाब देने की हिम्मत किसी भी मीडियाकर्मी में नहीं है. … हमाम में जो सब नंगे हैं…


Nikhil Anand : Media is a corporate business tool based on profit- loss basis. The channel bosses are News Brokers, Desk Journalists are Editorial clerks, Anchors are Models, Correspondents are Market Managers, Stringers are Mazdoors.

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Media as a whole espTV channels particularly Hindi/vernacular ones are being run like a unorganised sector. No Proper recruitment policy, value judgement or Intellectual profile but face, curls, curves, background, physical profile matters a lot.

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Channels esp Hindi/Regional Tv Dhandha Karte Hai. News Ki Aad Me Chatukar, Chaploosi, Dalal, Thekedari, DaruBazi, LadkiBazi Ke Centre Hain. Samaj-Jad-Jamin Se Kate Hue Logo Ke Liye Din Kaatne n Kurshiyon Ko Satta Ka Kendra Banana Ka Adda Ban Gaya Hai Media.

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What a coincidence : In Live India, Ashish Manchanda+ Sudhir coming together resulted in controversy. Now In Zee News, Same People are together and another controversy is born. The Fateline of both the people not supporting each others company, it seems.


Rajeev Dabral : If Sudhir Chaudhary Is Clean He Should Disclose His Assets and Also File Defamation Case Against Jindals, Government Should Also Ask For CBI Inquiry After Into The Matter After-all It Is Fourth Piller Of Democracy In Question, If TV Channel Heads Are Involved in Black Mailing It Is A Shame For Whole Of Media Sudhir Chaudhary Must Come Clean On This, After All It Is Media As A Whole On Question.


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