जी न्यूज पर नंगे हुए एमएलए इरफान सोलंकी और आईपीएस यशस्वी यादव

जी न्यूज वालों ने कानपुर के एसएसपी यशस्वी यादव और विधायक इरफान सोलंकी को नंगा कर दिया… शानदार प्रोग्राम था… अब वो वीडियो भी न्यूज चैनलों पर चलने लगे हैं जिसे भड़ास ने यूट्यूब पर अपलोड किया था… कानपुर के इस सत्ता संरक्षित पुलिसिया गुंडा कांड के पूरे प्रकरण को यूपी की मीडिया अंडरप्ले कर रही थी लेकिन भड़ास पर हुए हो हल्ले और सोशल मीडिया के साथियों की सक्रियता से काफी दूर तक गूंजा…. डाक्टरों की एकजुटता और दिल्ली से लेकर लखनऊ तक की दौड़ ने प्रकरण को नेशनलाइज बनाया. इसी कारण इस प्रकरण की खबर नेशनल न्यूज चैनलों पर चलने लगी है..

जी न्यूज वालों ने शानदार आयोजन किया. मेडिकल स्टूडेंट्स, आईएमए पदाधिकारी, कानपुर के एसएसपी, सपा विधायक सभी को एक साथ बिठाया. मनीष अवस्थी की एंकरिंग के माध्यम से पूरे प्रकरण के तथ्यों को सामने लाने का प्रयास किया. नतीजा हुआ कि सबसे ज्यादा सपा विधायक इरफान सोलंकी एक्सपोज हुए. एसएसपी यशस्वी यादव की भी पोल खुली. सत्ताधारी आईपीएस और सत्ताधारी विधायक के गठजोड़ ने कैसे डाक्टरों को पीट-पीट कर अधमरा किया, इसका सच सामने आया. यशस्वी यादव फर्जी न्यायप्रियता साबित करने की कोशिश में जुटे थे. उनकी फर्जी आक्रामकता से सबसे ज्यादा उन्हीं की पोल खुली. इरफान सोलंकी घटना वाले दिन खुद के सिर पर नौ टांके लगे होने की बात बता रहे थे लेकिन आज वे बिना टांके लगे ही बैठे थे.

इस मामले में जब एंकर ने कहा कि एसएसपी साहब, अपने बगल में बैठे विधायक के सिर पर देखिए कि चोट है भी या नहीं तो, तो डाक्टरों ने तालियां बजाई. साबित हो गया कि इरफान सोलंकी ने झूठा केस बनाने के लिए झूठी चोटें दिखाईं. यह भी साबित हुआ कि एसएसपी यशस्वी यादव ने जनता के रक्षक के बतौर नहीं बल्कि सपा के गुंडों की तरह व्यवहार करते हुए निर्दोष डाक्टरों को हड्डियां तोड़ी. भाजपा के नेता हर्षवर्द्धन ने बीच बहस में हस्तक्षेप किया और कानपुर मेडिकल कालेज से अपनी पढाई का हवाला देते हुए बताया कि वहां आज भी उनके साथ पढ़ने वाले सीनियर प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं.

हर्षवर्द्धन ने तो यशस्वी यादव और इरफान सोलंकी को गिरफ्तार करने की मांग कर डाली. अब इंतजार है यूपी सरकार के रुख का. देखते हैं यशस्वी यादव को हटाया जाता है कानपुर से या बेशर्मों की तरह यूपी सरकार यूं ही तमाशा कराती व देखती रहेगी. डाक्टरों की हड्डियां तुड़वाने वाली सपा सरकार के मत्थे अब मरीजों की मौत का श्राप भी लगेगा. इसका असर पक्के तौर पर लोकसभा चुनाव में नजर आएगा. सपा वाले अगर दहाई तक सीटें ले गए तो समझिए बड़ी बात होगी वरना ये 9 से नीचे ही इस बार सिमट जाएंगे.

भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह के फेसबुक वॉल से.


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