जो लोग दूसरों को घेरते हैं या घेरने का पेशा करते हैं उन्हें खुद ज्यादा सावधानी से चलने की जरूरत होती है

Vinod Singh Sirohi : वर्ष 2002 की बात है .उस वक्त मैं एसओजी इन्चार्ज सहारनपुर था. तब तहलका डॉट कॉम का एक कारनामा प्रकाश में आया था. सहारनपुर के प्रतिबंधित जंगल में जंगली जानवरों के अवैध शिकार का स्टिंग तहलका को करना था जिसके लिए इन्होंने स्थानीय अपराधियों की मदद ली और उनसे खुद ही बाघ का शिकार कराया, जिसकी फिल्म बनायी.

ये मामला खुल जाने पर इनकी अच्छी खासी फजीहत हुयी. कैमरा और बाघ की खालें बरामद हुयीं. सहारनपुर के बिहारीगढ़ थाने में तहलका डॉट कॉम के खिलाफ मुकदमे पंजीकृत हुए. गंभीर अपराध होने के कारण उसकी विवेचना सीबीआई को चली गयी थी. तहलका डॉट कॉम के कुमार बादल (जो शायद तरुण के बहनोई हैं) को लंबे समय जेल की हवा खानी पड़ी थी. सीबीआई ने काफी सुबूत एकत्र किये थे. मुकदमा सीबीआई अदालत गाजियाबाद में चला था.

जो लोग दूसरों को घेरते हैं या घेरने का पेशा करते हैं उन्हें खुद ज्यादा सावधानी से चलने की जरूरत होती है, क्यूंकि अन्य के साथ साथ वो लोग भी हाथ धोकर पीछे पड़ जाते हैं जिनके पीछे आप पड़े थे, चाहे वो गलत थे या सही|

यूपी पुलिस में कार्यरत विनोद सिंह सिरोही के फेसबुक वॉल से.

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