जिया न्यूज में वरिष्ठ पत्रकार जेपी दीवान ने मैनेजिंग एडिटर के बतौर ज्वाइन किया है. सूत्रों पर भरोसा करें तो उन्हें ज्वाय सेबस्टियन की जगह पर लाया गया है. प्रबंधन ने इसी मंशा के तहत जेपी दीवान को मैनेजिंग एडिटर के पद पर नियुक्त कर चैनल में इंट्री दी है. लेकिन ज्वाय सेबस्टियन के हाथ में चैनल की इतनी चाभियां हैं कि उन्हें तुरत-फुरत रिप्लेस कर पाना मुश्किल है. चैनल के लाइसेंस से लेकर कई सारी तकनीकी व गैर-तकीनीक चीजों में ज्वाय सेबस्टियन का नाम है. इसलिए जब तक सब कुछ एक मुकाम पर नहीं पहुंच जाता, प्रबंधन को ज्वाय सेबस्टियन को साथ लेकर चलना पड़ेगा.
सूत्रों के मुताबिक ज्वाय सेबस्टियन खेमा कुछ इस तरह प्रचारित कर रहा है कि जैसे जेपी दीवान उन्हीं की पहल पर लाए गए हों. यानि ये लोग यह दिखाना चाह रहे हैं कि चैनल के कर्ताधर्ता सब कुछ अब भी ज्वाय सेबस्टियन हैं. पर सच्चाई इससे उलट है. एक ठीकठाक नेशनल न्यूज चैनल लांच कराने की ज्वाय सेबस्टियन की स्ट्रेटजी असफल रहने के बाद चैनल के मालिक नए सिरे से चैनल को पटरी पर लाने की तैयारी कर रहे हैं और इसी क्रम में ज्वाय सेबस्टियन का विकल्प तलाशते हुए जेपी दीवान को लाया गया है. लेकिन कई तरह के कागज, अप्लीकेशन, आवेदन आदि में ज्वाय का नाम प्रबंधन ने दे रखा है इसलिए उन्हें अभी साथ रखना मजबूरी है.
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