झूठ को सच बनाने की कला के पारंगत खिलाड़ी माने जाते हैं विनोद कापड़ी

: क्या बेनकाब होंगे इस साजिश के सूत्रधार? : आज नेता, ब्यूरोक्रेट व अपराधी और कहीं कहीं तो न्यायपालिका भी मीडिया से घबराती नज़र आती है, किंतु मीडिया स्वछंद है। वह किसी से नहीं डरता। जो चाहे उटपटांग खबरें दिखाओ। भूत-प्रेत की झूठी कहानी बनाओ। दुनिया खत्म होने का दिन तय कर लोगों को डराओ। बिना बात की खबरों को घंटों या दिनों तक क्या, महीनों तक दिखाओ या फिर जिसे चाहे हीरो बनाओ, जिसे चाहे बर्बाद करो। यहां तक कि मीडिया घराने अपने ही पत्रकारों तक के साथ कैसा बर्ताव करते हैं, यह किसी से छिपा नहीं है। मीडिया घरानों की इन्हीं मनमानियों के खिलाफ उठी आवाज को बुलंद करने का दुस्साहस किया भाड़ास4मीडिया ने।

मीडिया शक्तिशाली है और जो मीडिया जितना बड़ा है वह और भी शक्तिशाली है। यशवंत सिंह ने जो लड़ाई छेड़ी है, वे उसके नायक हैं। हीरो हैं। सीमा पर खड़ा जवान जानता है कि एक न एक दिन दुश्मन की गोली उन्हें छलनी करेगी। हाल ही में शिमला जेल में हुए एक कार्यक्रम में उन्होंने इस बात की आशंका व्यक्त की थी कि वे कभी भी गिरफ्तार हो सकते हैं। किंतु उन्होंने न टूटने और न झुकने का अपना वादा दोहराया। विनोद कापड़ी झूठ को सच बनाने की कला में पारंगत खिलाड़ी माने जाते हैं।

उन्होंने आरोप लगाए कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई और उनसे 20 हजार रूप्ए मांगे गए तो पुलिस ने बिना जांच के सच मान लिया और उनके खिलाफ प्रकरण भी दर्ज हो गया। अब उन पुलिसकर्मियों व अधिकारियों पर सबकी निगाहें टिक गई हैं जिन्होंने इस झूठे मामले को सच का लबादा ओढ़ाने की कवायद रची। जाहिर है प्रकरण की जांच लंबी चलेगी। दूध का दूध पानी का पानी होगा। और अधिकारियों व पुलिसकर्मियों के निलंबन भी होंगे। षड़यंत्रकारियों को बेनकाब होना होगा किंतु यशवंत भाई द्वारा छेड़ी गई यह लड़ाई अब क्रांति की मशाल की भांति जलती रहनी चाहिए।

आज हम सब का दायित्व है कि इस प्रकरण के पूरे षड़यंत्र का पर्दाफाश करवाएं। इस कार्यवाही में बरती गई अनियमितताओं को गंभीरता से लें। सभी पत्रकार भाई अपने-अपने क्षेत्रों में प्रदर्शन कर नोएडा पुलिस के खिलाफ कार्यवाही की मांग करें तथा दोषी पुलिस कर्मियों को बर्खास्त करने की मांग करें। सोशल मीडिया पर इस साजिश को बेनकाब करें। सभी पत्रकार भाई यशवंत जी को तन-मन-धन से सहयोग करने के लिए तैयार रहें। मैंने यशवंत जी की इस गिरफ्तारी के खिलाफ अपनी वेब साईट पेनन्यूज़ डाट इन पर अभियान छेड़ दिया किंतु षड़यंत्रकारियों की नीचता की हदें देखिए कि उसे कल हैक कर दिया गया। यशवंत जी के खिलाफ की जा रही साजिशों का पर्दाफाश हर हाल में होगा।

गोपाल शर्मा

editorinchieflivetoday@gmail.com

08054310441


(गोपाल शर्मा का लिखा यह आलेख भड़ास को दो जुलाई को प्राप्त हुआ लेकिन तत्कालीन आपाधापी के कारण प्रकाशित नहीं हो सका था. अगर आपने भी जुलाई-अगस्त के दो महीनों में कुछ लिखकर भड़ास पर भेजा था और उसका प्रकाशन नहीं हो सका तो उसे फिर से भड़ास के पास bhadas4media@gmail.com के जरिए भेज दें. -एडिटर, भड़ास4मीडिया)


इस प्रकरण से जुड़ी अन्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें- Yashwant Singh Jail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *