टाइम्स ग्रुप ने लॉन्च किया बांग्ला दैनिक ‘एइ समय’

बंगाल के बांग्लभाषी पाठकों के लिए टाइम्स ऑफ इंडिया दुर्गा पूजा का तोहफा लेकर आया है। ग्रुप ने अपने बंगाली अखबार 'एइ समय' को लॉन्च कर दिया है। सोमवार यानी आज से रोज बंगाल के लोगों की शुरुआत अपनी जुबान में अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस अखबार से होगी। अखबार के साथ-साथ इसका ऑनलाइन अडिशनल भी शुरू किया गया है। www.eisamay.in पर जाकर आप अखबार की खबरें तो पढ़ ही सकेंगे, दिनभर की ताजा खबरें भी इस पर होंगी।

टाइम्स ऑफ इंडिया समूह ने किसी भी भारतीय भाषा में करीब आधी शताब्दी बाद कोई अखबार शुरू किया है। यह जगजाहिर है कि 'द टाइम्स ऑफ इंडिया' आज दुनिया का सबसे ज्यादा प्रसार संख्या वाला अखबार है। इस समूह के दूसरे अखबारों में 'इकनॉमिक टाइम्स' बिजनेस की दुनिया पर राज कर रहा है, तो 'मुंबई मिरर' थोड़े ही समय में देश का सबसे ज्यादा बिकने वाला टैब्लॉइड बन चुका है। हमारे प्रादेशिक भाषा के अखबार भी अपनी-अपनी मार्केट में नंबर-1 की पॉजिशन पर काबिज हैं- मुंबई में मराठी में महाराष्ट्र टाइम्स, दिल्ली में हिंदी में नवभारत टाइम्स और बेंगलुरु में कन्नड़ में विजया कर्नाटक।

'एइ समय' को लॉन्च करने के पीछे एक बहुत ही खास वजह है। टाइम्स ग्रुप हमेशा से चाहता था कि दुनिया के सबसे समृद्ध सांस्कृतिक लोगों से संवाद करे और वह भी उनकी अपनी भाषा में। और, अब 'एइ समय' के साथ ग्रुप की यह सोच हकीकत बन गई है।

आज के खास दिन को लॉन्चिंग के लिए चुनने का कारण था कि हम इस चकाचौंध भरे शहर में, जहां हर समुदाय के लोग रहते हैं, प्यार-मोहब्बत को फिर मिलाएं। निराद सी चौधरी ने एक बार लिखा था, 'यहां (कोलकाता) के कुछ हिस्सों में आदमी ऐसा महसूस कर सकता है कि वह चीन में है।'

'एइ समय' यहां अपने पाठकों के लिए हर मुमकिन कोशिश करेगा जिससे उनकी जिंदगी बेहतर बने। हमारा प्रयास होगा कि जवानों को नौकरी के नए साधन मिलें और हम आइडिया और सल्यूशन शेयर करने का जरिया बनें। 'एइ समय' नए विचारों के लिए खिड़कियां खोलेगा, बंगाल केंद्रित होने के बावजूद पूरी दुनिया के ट्रेंड आप तक पहुंचाएगा। यह आम आदमी के लिए कब, कहां और क्या से आगे क्यों और कैसे तक की खबरें पहुंचाएगा। अखबार आपको सोशल, इकनॉमिक और पॉलिटिकल जिंदगी के ड्रामे के हर पहलू से रूबरू कराएगा। यह सोसायटी में आ रहे बदलाव और करवट लेतीं परिस्थितियों पर खास नजर डालेगा, ताकि इसके पाठक आज ही अपने आप को कल का सामना करने के लिए तैयार कर सकें।

यह सच को बदलकर मीठा बनाकर नहीं पेश करेगा, चाहे वह कड़वा क्यों न हो। पिछले तीन सालों में लगभग हर बड़ी खबर को टाइम्स ऑफ इंडिया ने सबसे पहले आप तक पहुंचाया है। जब कुछ सालों पहले ग्रुप ने चेन्नै में टाइम्स ऑफ इंडिया लॉन्च किया था तो अक्सर पूछा जाता था, 'आपको इसमें इतनी देर क्यों लगी?' ग्रुप का जवाब था, 'चेन्नै में पहले से स्थापित एक लोकल अखबार है, इसलिए हमें संदेह था कि क्या हमें स्वीकारा जाएगा?' वहां जो रिस्पॉन्स मिला, वह देखकर हम हैरान रह गए। हमारा जैसा स्वागत हुआ, हम उससे अभिभूत हो गए थे। कोलकाता देर से आने की भी यह वजह है, लेकिन यहां भी अखबार को जैसे रिस्पॉन्स पाठकों से मिल रहा है उससे ग्रुप का हौसला बढ़ा है। हाथी पर सवार मां दुर्गा के पहुंचने के साथ 'टाइम्स ऑफ इंडिया' को भी गुडलक मिलने की उम्मीद है। इसके लिए हमें आपके प्यार और दुआओं की जरूरत है।

नवभारत टाइम्स में प्रकाशित जयदीप बोस की रिपोर्ट.

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