टिकट के बदले इज्जत मांग रहे थे पीस पार्टी के मुखिया

उत्तर प्रदेश में पीस पार्टी की बढ़ती संभावनाओं के साथ उसके मुखिया पर गंभीर आरोपों का सिलसिला भी शुरू हो गया है. लखीमपुर खीरी की पार्टी कार्यकर्ता सुनीता मित्रा न केवल पीस पार्टी के मुखिया डॉ. अय्यूब पर यौन शोषण का आरोप लगाया है बल्कि उनके खिलाफ लखीमपुर की अदालत में यौन उत्पीड़न का मामला भी दर्ज करा दिया है.

सुनीता का कहना है कि पिछले दो साल से उन्हें टिकट देने के लिए आफर किया जा रहा था. दो महीने पहले मुझे टिकट देना फाइनल कर दिया गया था और बीती 13 जनवरी को मुझे लखनऊ स्थित डॉ. अय्यूब के घर बुलाया गया था. सुनीता का कहना है

सुनीता
कि डॉ. अय्यूब के घर पहुंचने पर उन्हें अय्यूब के कमरे में भेज दिया गया जहां अय्यूब ने उनके साथ जोर जबर्दस्ती की. सुनीता का कहना है कि वे किसी तरह अपनी इज्जत बचाकर भागने में कामयाब रहीं.

दिल्ली से प्रकाशित होनेवाली एक पत्रिका द संडे इंडियन ने सुनीता मित्रा का एक इंटरव्यू प्रकाशित किया है, जिसमें सुनीता ने न केवल अय्यूब पर यौन शोषण का आरोप लगाया है बल्कि यह भी कहा है कि डॉ. अय्यूब टिकट के बदले में पुरुष प्रत्याशियों से दो—दो करोड़ रुपया और महिलाओं से उनकी इज्जत मांग रहे हैं. जब उनसे यह पूछा गया कि जिस वक्त यह घटना घटी उस वक्त क्या आप अकेली थीं? तो सुनीता का कहना है कि "लखीमपुर से मैं पार्टी की गाड़ी में डॉ. अयूब अंसारी के करीबी और पीपीआई के कार्यकर्ता उसमान, इनामुल और डॉ. अवनीश के साथ मेट्रो सिटी गई थी. वहां डॉ. अयूब के आवास पर देर रात तक पार्टी की बैठक चली. इसके बाद रात के करीब दो बजे मुझे डॉ. अयूब के कमरे में भेज दिया गया. वहां वह टिकट देने के बदले में अपना इनाम मांगने लगे. इसके बाद हमारे बीच हाथापाई हुई और किसी तरह मैं वहां से भागने में सफल रही."

अब सुनीता मित्रा का कहना है कि वे चुनाव लड़ें या न लड़े लेकिन पीस पार्टी के खिलाफ चुनाव प्रचार जरूर करेंगी. सुनीता का कहना है कि मुझे अपना बयान वापस लेने के लिए लगातार फोन पर धमकियां दी जा रही हैं, लेकिन मैं हार नहीं मानूंगी.

दिनेश सिंह डागा की रिपोर्ट.

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