टैम को टक्कर देने के लिए ईशा मीडिया रिसर्च लिमिटेड मैदान में

मुंबई : भारत में टेलीवीजन और रेडियो की टीआरपी मुहैया करानेवाली एकमात्र और बहुराष्ट्रीय कंपनी टेलीवीजन ऑडिएंस मेजरमेंट (टैम) का एकाधिकार में जल्द ही सेंध लग सकती है। खबर है कि इस सेक्टर में एक घरेलू कंपनी ईशा मीडिया रिसर्च लिमिटेड उतर रही है। जिसकी वजह से टैम को पहली बार कोई प्रतियोगी मिल सकेगा। यह कंपनी पहले चरण में 50,000 और दूसरे चरण में 50,000 मीटर लगाएगी। इस तरह टैम की तुलना में इसके मीटर की क्षमता करीबन 12 गुना अधिक होगी।

अभी तक भारत में टीआरपी की रेटिंग देनेवाली एकमात्र कंपनी टैम है और वह भी नील्सन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड तथा केएमआर की संयुक्त उपक्रम वाली बहुराष्ट्रीय कंपनी है। टैम की वेबसाइट के आंकड़ों पर विश्वास करें तो वह भारत में एक लाख से ज्यादा आबादी वाले इलाके में अपनी पीपलमीटर लगाती है और उसके कुल पीपल मीटर की संख्या देश भर में 8150 है। जबकि महाराष्ट्र में वह एक लाख से कम आबादी में भी मीटर लगाती है। हालांकि टैम का कहना है कि वह आम जनता के लिए रेटिंग का काम नहीं करती है और उसका जो काम है वह केवल विज्ञापनदाताओं, विज्ञापन एजेंसियों और प्रसारकों के लिए है।

बांबे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में सूचीबद्ध ईशा मीडिया रिसर्च फिलहाल 900 अखबारों और 140 चैनलों को मॉनीटर करती है। प्रबंध निदेशक आर. एस. अय्यर कहते हैं कि हम टीआरपी रेटिंग के सेक्टर में उतरने की योजना बना रहे हैं ताकि एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं उपलब्ध हों। कंपनी में प्रवर्तकों की धारिता 63 फीसदी है।

अय्यर के मुताबिक हम एक लाख से कम आबादी वाले इलाकों में भी मीटर लगाएंगे और पूरे देश में इसे एक साख वाली टीआरपी कंपनी के रूप में स्थापित करेंगे। इसके लिए कंपनी 50-80 करोड़ रुपये का निवेश करेगी, जो प्रेफरेंशियल शेयरों या प्राइवेट इक्विटी से जुटाए जाएंगे। कंपनी के इस सेक्टर में उतरने के बाद उसकी वृद्धि दर 200-300 फीसदी बढ़ जाएगी। फिलहाल मार्च 2013 तक 22 करोड़ रुपये का राजस्व रहा है।

अय्यर कहते हैं कि प्रयोग चालू है और मार्च 2014 के बाद इसका परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। कंपनी पहले कुछ सालों में इस सेक्टर में 25 फीसदी बाजार हिस्सेदारी पर काबिज होने की योजना पर काम कर रही है। कुछ प्रसारकों से हमारी बात हो रही है और हम अपनी गुणवत्ता, पारदर्शिता और बेहतर उत्पाद के साथ इस सेक्टर में उतरेंगे। दो साल में एक लाख घरों तक पहुंचने का हमारा लक्ष्य है।

उन्होंने कहा कि हम फिलहाल जो मीडिया मॉनिटरिंग की सेवा दे रहे हैं, उस सेक्शन में हम विदेश में करार की संभावना देख रहे हैं और अगर कोई मिलता है  तो उसके साथ साझेदारी कर विदेशी चैनलों और अखबारों की निगरानी यहां से की जा सकती है।

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