लखनऊ : कुठ ठगों ने बॉलीबुड हीरोइन महिमा चौधरी को अपनी रीयल एस्टेट और वित्तीय क्षेत्र की कम्पनी 'मैग्नम' का ब्रान्ड एम्बेसडर बनाया। महिमा को राजधानी में आमंत्रित कर निवेशकों को इयान, इन्डीवर, जैसी महंगी कारें, लैपटॉप, मंहगे मोबाइल उपहार के रूप में बांटे। इन कदमों से मैग्नम इन्फ्राडेवलपर्स के मालिकों ने निवेशकों को जमकर अपनी कंपनी की ओर आकर्षित किया। निवेशकों से करोड़ों रुपए अपनी कम्पनी में लगवाए। पर जल्द ही हकीकत सामने आ गई। निवेशकों को दिए गए चेक बाउन्स होने लगे।
निवेशकों ने कम्पनी के चक्कर लगाने शुरू कर अपनी धनराशि की वापसी मांगनी शुरू की तो कम्पनी के मालिकों ने अपने निजी सुरक्षा गार्डों से निवेशकों को पिटवाना शुरू कर दिया है। यह सिलसिला बदस्तूर चलता रहता किन्तु पिछले दिन जब एक पत्रकार ने मामले की जानकारी लेनी चाही तो कम्पनी के कर्ताधर्ताओं ने उसके साथ भी मारपीट कर उसका सामान छीन लिया। आखिर पत्रकार ने पुलिस से मामला दर्ज कराया तो उल्टे गुडम्बा थाने की पुलिस ने कम्पनी के मालिकों के इशारे पर पत्रकार के खिलाफ मुकदमा लिख लिया।
भुक्तभोगी पत्रकार अनुराग त्रिपाठी को अब ठगे गए निवेशक अपनी आपबीती बताने लगे। अनुराग ने भुक्तभोगियों को लखनऊ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जे. रवीन्द्र गौड़ के सामने किया। एसएसपी के निर्देश पर थाना गुडम्बा में कम्पनी के खिलाफ मुअसं 242/13 के तहत धारा 420/406/323/504/506 का मामला कम्पनी के अरुण कुमार चतुर्वेदी व वरुण कुमार चतुर्वेदी निवासी नायक नगर जानकीपुरम् ने नाम 23 जुलाई को दर्ज कर लिया है।
उल्लेखनीय है कि राजधानी के थाना गुडम्बा स्थित जी-11 जानकी प्लाजा, जानकीपुरम् सेक्टर-जी में मैग्नम इन्फ्राडेवलपर्स का कार्यालय स्थित है। कार्यालय की चकाचौंध देखकर कोई भी ठगा का ठगा रह जाता है। कम्पनी के दो डायरेक्टर सगे भाई है जिनके नाम अरुण कुमार चतुर्वेदी और वरुण कुमार चतुर्वेदी है। इनके पिता का नाम रमापति चतुर्वेदी है। 29 जनवरी 2012 को कम्पनी ने स्थानीय गोमती नगर स्थित जेसीगार्डेन में एक विशाल कार्यक्रम आयोजित किया था। इस कार्यक्रम में हिरोइन महिमा चौधरी ने अपने जलवे बिखेरे थे। महंगी कारे, लैपटॉप व मोबाइल बांटें गए। निवेशकों से तरह-तरह के लुभावने वादे किए गए। रंग-बिरंगे ब्रोशरों पर लुभावनी स्कीमें दिखाकर निवेश के लिए आमंत्रित किया गया। निवेशकों ने कम्पनी के झांसे में आकर करोड़ों रुपए लगा दिए।





