डा. नूतन ठाकुर ने शिव कुमार बेरिया की मंत्री पद की बर्खास्‍तगी के लिए राज्‍यपाल को दिया पत्रक

सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. नूतन ठाकुर ने आज शिव कुमार बेरिया, कपड़ा मंत्री, यूपी द्वारा कथित रूप से की गयी आपतिजनक और आपराधिक टिप्पणी के सम्बन्ध में राजभवन जा कर महामहिम राज्यपाल को एक पत्रक दिया है. साथ ही अखिलेश यदव, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश और मुलायम सिंह यादव, अध्यक्ष, समाजवादी पार्टी को भी इसकी प्रति प्रेषित की है.

ठाकुर ने वेरिया द्वारा पुलिसवालों को 24 घंटे के अंदर बर्खास्त करने सम्बंधित टिप्पणी को ना सिर्फ अत्यंत आपत्तिजनक बल्कि आपराधिक कृत्य भी माना है. उन्होंने इन लोगों से इस प्रकरण की तुरंत जांच करा कर मामला सत्य पाए जाने पर बेरिया को तत्काल पद से हटाने और उनके खिलाफ उचित धाराओं में एफआईआर दर्ज कराये जाने की मांग की है.

प्रेषित पत्र की प्रति—


सेवा में,
श्री अखिलेश यादव,
मा० मुख्यमंत्री,
उत्तर प्रदेश शासन,
लखनऊ  

विषय- यूपी में मंत्री द्वारा पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कथित रूप से की गयी आपतिजनक और आपराधिक टिप्पणी विषयक

महोदय,
                
कृपया निवेदन है कि मैं डॉ नूतन ठाकुर, नेशनल आरटीआई फोरम की कन्वेनर हूँ जो प्रशासन और शासन में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व के क्षेत्र में कार्यरत संस्था है. मैं आपके सम्मुख उत्तर प्रदेश के एक मंत्री द्वारा की गयी सर्वथा अनुचित और आपराधिक टिप्पणियों के सम्बन्ध में जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही किये जाने हेतु एक गंभीर प्रकरण प्रस्तुत कर रही हूँ.

यह प्रकरण जनपद एटा, उत्तर प्रदेश का है जहाँ यूपी के कपड़ा मंत्री श्री शिव कुमार बेरिया ने समाजवादी पार्टी के सघन जनसंपर्क कार्यक्रम के दौरान कथित रूप से सरेआम पुलिस वालों को धमकी दी. मीडिया से आई खबरों के अनुसार श्री शिव कुमार बेरिया ने कहा- "मैं कह रहा हूँ चुनौती देकर. चले जाओ मेरी विधान सभा में, मैं 5वीं बार विधायक हूँ. एक थानेदार, एक एसडीएम की क्या औकात हो कि जब तक मेरी नजर का इशारा न हो तब तक बैठ जाए. काम करना तो दूर की बात है." उन्होंने यह भी संभवतः कहा-“दरोगा हम से है हम दरोगा से नहीं. दरोगा नहीं सुन रहा? हम सरकार में हैं कब सुनेगा? हम विपक्ष की भाषा बोल रहे हैं. हम विपक्ष में नहीं हैं. हम सरकार में हैं. कैसे नहीं सुनेगा दरोगा?" मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनके कार्यकर्ताओं की नहीं सुनी गई तो पुलिस वालों की वर्दी उतरवा देंगे और यह कि- "अगर नहीं सुनेगा तो उसे एक पल भी कुर्सी में बैठने का अधिकार नहीं है. नहीं रह सकता कुर्सी पर. 2 4 घंटे के अन्दर उसकी वर्दी उतरवा कर फेक दिया जायेगा. कैसे हिम्मत है कि हमारे कार्यकर्ता की नहीं सुनेगा."

स्पष्ट है कि ये टिप्पणियाँ ना सिर्फ अत्यंत आपत्तिजनक हैं बल्कि एक मंत्री द्वारा सार्वजनिक रूप से किया गया आपराधिक कृत्य भी प्रतीत होता है.

अतः मैं आपसे यह निवेदन करती हूँ कि आप अपने स्तर से तत्काल इस प्रकरण की जांच कराएं और जांचोपरांत यदि ये बातें सही पायी जाती हैं तो तत्काल ऐसे मंत्री महोदय को पद से हटाते हुए उन्हें सार्वजनिक रूप से ऐसा आपराधिक कृत्य करने के सम्बन्ध में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने से लेकर नियमानुसार समस्त अन्य आवश्यक कार्यवाही किये जाने की कृपा की जाए. कृपया प्रकरण अत्यंत गंभीर होने के नाते इस पर तत्काल कार्यवाही कराये जाने की कृपा करें.

पत्र संख्या-  NRF/SKB/01                                                                     भवदीय,
दिनांक-  24/04/2013               
                                                                                                    (डॉ नूतन ठाकुर)    

                                                                                                   5/426, विराम खंड,

                                                                                                  गोमती नगर, लखनऊ

                                                                                                      # 94155-34525

प्रतिलिपि- 1. मा० राज्यपाल, उत्तर प्रदेश, लखनऊ को कृपया इस मामले का तत्काल व्यक्तिगत संज्ञान लेते हुए इस सम्बन्ध में सभी आवश्यक कार्यवाही किये जाने हेतु

2. श्री मुलायम सिंह यादव, राष्ट्रीय अध्यक्ष, समाजवादी पार्टी एवं पूर्व मा० मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश को इस निवेदन से कि अपनी पार्टी के इन मंत्री महोदय के सम्बन्ध में तत्काल पार्टी स्तर से जांच कराने की कृपा करें और यदि ये बातें सही पायी जाती हैं तो तत्काल श्री शिव कुमार बेरिया को मंत्री पद से हटाने हेतु श्री अखिलेश यादव, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश को निर्देशित करने की कृपा करें.

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