Prakhar Shrivastava : कर्म की बलबेदी पर एक टीवी पत्रकार शहीद हुआ लेकिन जानते हैं खुद उसके चैनल ने उसे क्या तमगा दिया “स्ट्रिंगर”…. आईबीएन 7 पर ब्रेकिंग चली – “स्ट्रिंगर” राजेश वर्मा की दंगों में मौत हो गई…. एंकर ने भी कहा “स्ट्रिंगर” राजेश वर्मा की मौत हो गई… क्यों भाई..जब खबरों पर राजेश का फोनो लेते थे तब उसे “स्ट्रिंगर” क्यों नहीं कहते थे, जब राजेश वर्मा की स्टोरी पर साइन ऑफ आता था उसमें “स्ट्रिंगर” क्यों नहीं लिखा होता था… तब राजेश वर्मा आपका संवाददाता यानि रिपोर्टर था आज जब वो मर (शहीद) गया तो “स्ट्रिंगर” हो गया… शर्मनाक है, बेहद शर्मनाक…
धर्म के नाम पर अंधे हुए उन लोगों ने तो राजेश को सिर्फ सीने पर गोली मारी, हमने तो उसकी शहादत का ही कत्ल कर दिया… नोएडा की फिल्म सिटी में बैठे हम लोग भूल गए कि “स्ट्रिंगर” भी पत्रकार होता, उतना ही जितने की हम हैं… हम दुनिया के लिए इंसाफ का झंडा बुलंद करने का दावा करते हैं, लेकिन हम क्या खाक़ किसी को इंसाफ दिलवाएंगें, क्योंकि जब भी मौका आता है हम अपने ही लोगों के साथ नाइंसाफी करते हैं, यहां तक कि उनकी मौत के बाद भी…

आईबीएन 7 चैनल के “सबसे वरिष्ठ पत्रकार” ने स्वर्गीय अजय चौधरी (Excutive Producer, Aaj Tak) के निधन पर दैनिक हिंदुस्तान में एक लेख लिखा था जिसका अंत इन पंक्तियों से हुआ था “अजय दा अगर इस धंधे में रहा तो जल्द ही ऊपर आपसे मुलाकात होगी”…
लेकिन “वरिष्ठ पत्रकार” को पता नहीं हैं वहां (ऊपर) अब सिर्फ अजय चौधरी से ही नहीं “स्ट्रिंगर” राजेश वर्मा से भी उनकी मुलाकात होगी… किसी के लिए राजेश वर्मा “स्ट्रिंगर” होंगे लेकिन मेरे लिए वो शहीद हैं, सिर्फ शहीद… उनकी शहादत को सलाम… कोई रास्ता बताएं कि हम सब मिलकर कैसे उनके परिवार की मदद कर सकते हैं…
प्रखर श्रीवास्तव के फेसबुक वॉल से.





