तरुण कला संगम के पत्रकार रत्न से सम्मानित हुए राघवेंद्र द्विवेदी

मुंबई। फोटो पत्रकार के साथ गैंगरेप की घटना के बाद मुंबई को रेप सिटी बताने पर मुंबई पुलिस आयुक्त डॉ. सत्यपाल सिंह ने नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि मीडिया की यह भूमिका ठीक नहीं है। महानगर में अच्छी सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियां भी होती हैं। लेकिन मीडिया का पूरा ध्यान सिर्फ अपराध की खबरों पर होता है। सिंह तरुण कला संगम की तरफ से आयोजित पत्रकारिता पुरस्कार समारोह में बोल रहे थे। इस मौके पर  सिंह ने हमारा महानगर के कार्यकारी संपादक  राघवेंद्र नाथ द्विवेदी  को तरुण कला संगम पुरस्कार प्रदान किया।

पुलिस आयुक्त ने कहा कि गैंगरेप की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। लेकिन इसकी वजह से पूरी दुनिया में मुंबई को रेप सिटी के रूप में प्रचारित करना गलत है। उन्होंने कहा कि 2012 में प्रदेश में 8 पिताओं ने अपनी बेटियों के साथ दुष्कर्म किया। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं की सभी पिता गलत हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारों पर अच्छा समाज बनाने की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। मीडिया को यह जिम्मेदारी निभानी चाहिए। बाजारीकरण के दौर में समाज को सही मार्ग दिखा पाना अत्यंत चुनौतीपूर्ण है। मुंबई जैसे शहर में यह कार्य और भी जटिल है , त्रासदी यह है कि इस दायित्व को निर्वहन करने  लोकतंत्र के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ मीडिया को भी बाजारीकरण ने अपने चंगुल में ले लिया है। श्री सिंह ने  कि समाचार पत्र हों या खबरिया चैनल सभी में इन दिनों मानो नकारात्मक खबर समाज के सन्मुख प्रस्तुत किए जाने की होड़ सी मची हुई है। एक पाकेटमार के पकडे जाने पर उसका समूचा इतिहास पेश किया जाता है ,जबकि बड़े -बड़े जनहित के कार्यों को यहाँ छोटी सी जगह किसी कोने में पाने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ती है ,समाचार समूह जनाभिमुख कार्यों को तरजीह नहीं दे रहे जो बेहद निराशाजनक है। डॉ सिंह ने कहा कि मीडिया इन दिनों मुंबई की जो तस्वीर पेश कर रहा है ,उससे समाज में भय का माहौल है। उन्होंने कहा कि मीडिया का तर्क है कि दौर में क्राईम ही बिकता है। वर्ष 2011 में 6 तथा वर्ष 2012 में 8 पिता ने अपनी बेटी के साथ तथा अभी डेढ़ माह पूर्व वडाला में एक बेटे ने अपनी सगी मां के साथ बलात्कार किया। इसका मतलब यह तो नहीं कि मुंबई का हर पिता और बेटा बलात्कारी हो गया है। उन्होंने कहा कि पतन का मार्ग चिकना होता है ,जिसपर इंसान आसानी से फिसल जाता है ,जबकि सच्चाई और सफलता की राह बहुत कठिन होती है। जिसमें समाज को आगे ले जाने का ज्ञान हो ,लेखनी में प्रेरणा की धमक हो ,बुद्धिजीवी हो वाही सच्चा पत्रकार कहलाने की काबिलियत रखता है उसमें समाज और राष्ट्र को जोड़कर रखने का माद्दा होना भी जरुरी है। डॉ सत्यपाल सिंह ने कहा कि समाज अच्छा होगा तो हम सुरक्षित होंगे। मुंबई पुलिस ने इसे ही लक्ष्य बना कर नारा दिया है कि "आम्ही सुरक्षित ,तर मुंबई सुरक्षित ". पत्रकार रत्न से सम्मानित राघवेंद्र ढ्विवेदी को उन्होंने उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं भी दीं। इस अवसर पर पुलिस आयुक्त डॉ सत्यपाल सिंह तथा कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य अविनाश पांडे ने मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष प्रा जनार्दन चांदुरकर ,वरिष्ठ पत्रकार लालजी मिश्र ,शचीन्द्र त्रिपाठी डॉ अभयनारायण त्रिपाठी (आई ए एस )तथा संस्था अध्यक्ष चित्रसेन सिंह की मौजूदगी में राघवेंद्र नाथ द्विवेदी को पुरस्कार स्वरुप 31हजार नकद ,ट्राफी तथा प्रशस्तिपत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

अध्यक्षीय भाषण में वरिष्ठ पत्रकार शचीन्द्र त्रिपाठी ने  संस्था द्वारा प्रदत्त इस सम्मान की सराहना करते हुए कहा कि इससेनवोदित  युवा पत्रकारों को भी सकारात्मक लेखन की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने सत्कारमूर्ति राघवेंद्र द्विवेदी को मेहनत  और निष्ठां की प्रतिमूर्ति बताते हुए कहा कि वे इन्ही गुणों के बलबूते अल्पकाल में ही इतने बड़े अखबार के सर्वोच्च पद तक पहुँचने में कामयाब रहे है। इनमें गजब की नेतृत्व  क्षमता है जो सभी को जोड़े रखने की कूबत रखती है। उन्होंने कहा कि विकृति समाज का अभिन्न हिस्सा रही है ,बावजूद इसके मीडिया को घृणित चेहरा दिखाने से थोडा परहेज करना होगा ,कारण कि समाज है तो हम हैं और हम हैं तो सब हैं। मुख्य अतिथि सांसद अविनाश पांडे ने राघवेंद्र द्विवेदी के साथ पिछले बीस वर्षों के संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि वे हमेशा सामाजिक तथा राजनितिक विषयों पर सकारात्मक लेखन को ही महत्त्व देते रहे। उन्होंने कहा कि महज लेखन से ही एक पत्रकार बुद्धिजीवी नहीं हो सकता ,उसकी हर क्षेत्र में व्यापक पकड़ होनी चाहिए ,जो इनमें गहराई तह समायी हुई है। उन्होंने कहा कि पत्रकार राजनीतिज्ञों के व्यक्तित्व निखारने में अहम् रोल अदा करते हैं और हमें भी राजनीति के लंबे सफ़र तय करने में पत्रकार मित्रों का भरपूर सहयोग मिला। अविनाश पांडे ने भी कहा कि क्राईम की ख़बरें अराजकता को बढ़ावा देती हैं और आतंकवाद के जन्म का भी खतरा बना रहता है लिहाजा मीडिया की सोच समाज के प्रति सकारात्मक होनी चाहिए। मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष प्रा जनार्दन चांदुरकर ने "येलो जर्नलिज्म" को समाज के लिए सबसे बड़ा खतरा बताते हुए कहा कि मीडिया आज इस्तेमाल और ब्लेकमेलिंग का जरिया बनती जा रही है। चंद लोगों की राय लेकर चुनाव में जीत -हार की भविष्यवाणियां की जाती है जो सच्चाई से परे होती हैं। उन्होंने कहा कि देश कि यंग डेमोक्रेसी महज 65 वर्ष की है लिहाजा मीडिया की भी थिंकिंग प्रोसेस साईंटिफिक होना चाहिए। विशिष्ट अतिथि डॉ अभयनारायण त्रिपाठी ने कहा कि पत्रकार समाज को दिशा प्रदान करता है ,लिहाजा जहाँ तक संभव हो उसे पीत  पत्रकारिता से परहेज करना होगा। उन्होंने कहा कि चरखा ,करघा और खादी से ही आज समाज को बुराई से दूर रखा जा सकता है। अहम् के बजाय अपनी गलतियों को स्वीकार करना पत्रकार का गुण होता है जो राघवेंद्र जैसे चुनिंदा पत्रकारों में आज भी मौजूद हैं ,जिसमे समाज के मुद्दों के प्रतिउत्तर देने की क्षमता है। सत्कारमूर्ति राघवेंद्र द्विवेदी ने कहा कि पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके मार्गदर्शक पं लालजी मिश्र सदैव रहे ,साथ ही उनकी इस सफलतम  अनवरत यात्रा में सभी ने उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि बाजार के दबाव का तीस प्रतिशत दबाव उनके ऊपर भी रहा ,मगर उन्होंने सर्वसमावेशकता का दृष्टिकोण सदैव बरकरार रखने का प्रयास किया। संस्था अध्यक्ष चित्रसेन सिंह तथा उनकी समूची टीम को इस सम्मान के लिए उन्होंने धन्यवाद देते हुए कहा कि यह सदैव उनके लिए प्रेरणा का कार्य करेगा और वे सामाजिक दायित्वों का निर्वहन हमेशा करते रहेंगे। संस्था के अध्यक्ष चित्रसेन सिंह ने तरुण कला संगम के तीस वर्ष के सफ़र का ब्यौरा पेश करते हुए भावी गतिविधियों की जानकारी दी।

कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के तौर पर लिबोर्ड ग्रुप के चेयरमैन सीए ललित डांगी ,भारतीय सद्विचार मंच के अध्यक्ष डॉ राधेश्याम तिवारी ,मुंबई कांग्रेस के महासचिव राजन भोसले ,युवा उद्योगपति गणपत कोठारी (कोठारी ग्रुप आफ कंपनीज), राकांपा के मुंबई महासचिव उदय प्रताप सिंह ,कांग्रेसी नेता डॉ आनंद चौहान ,आचार्य पवन त्रिपाठी ,राकेश सिंह , दैनिक भास्कर के प्रमुख संवाददाता विजय सिंह कौशिक, नवभारत के प्रमुख संबाददाता सुरेन्द्र मिश्र, हमारा महानगर के सीनियर रिपोर्टर दिनेश सिंह घायल सहित पत्रकारिता क्षेत्र की अनेक गणमान्य हस्तियाँ मौजूद थीं। जिनका सत्कार संस्था अध्यक्ष चित्रसेन सिंह तथा संयोजक हरिशंकर तिवारी ने किया। संचालन आकाशवाणी के आनंद  सिंह तथा आभार चित्रसेन सिंह ने व्यक्त किया।  

प्रेस रिलीज

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *