एसएन विनोद ने तो अपनी लाज बचा ली. उन्होंने उम्र भर की अपनी पूंजी जाया नहीं होने दी. विनोद कापड़ी की अधीनता स्वीकार करने से मना कर दिया. पर निशांत चतुर्वेदी अब भी चुप्पी साधे हैं. निशांत चैनल हेड हुआ करते थे और उनकी तूती बोला करती थी. पर उनके उपर न सिर्फ विनोद कापड़ी को ले आया गया बल्कि अब रवि मित्तल को मैनेजिंग एडिटर बनाकर निशांत चतुर्वेदी के उपर एक और शख्स को बिठा दिया गया है.
बावजूद इसके निशांत चतुर्वेदी चैनल से चिपके हुए हैं. प्रबंधन किसी वरिष्ठ को इस्तीफा देने के लिए ऐसे ही तरीके आजमाता है. संकेत समझने वाले समझ कर चले जाते हैं. पर निशांत चतुर्वेदी ने नए निजाम में भी अपनी बेहतरी के संपने संजोए हुए हैं. विनोद कापड़ी और निशांत चतुर्वेदी के रिश्ते इंडिया टीवी के दिनों से ही ठीक नहीं रहे. साथ ही विनोद कापड़ी कभी भी अपनी टीम के अलावा किसी और पर भरोसा नहीं करते. ऐसे में निशांत चतुर्वेदी के लिए न्यूज एक्सप्रेस में दुर्दिन हैं पर वो अब भी अपने पत्ते नहीं खोल रहे. बताया जा रहा है कि निशांत चतुर्वेदी अगर जल्द ही चैनल से नहीं जाते हैं तो उन्हें बर्खास्त भी किया जा सकता है.





