तो प्यारी लड़कियों… पति करोड़पति हो तब भी कमाओ, पिता अरबपति हों तब भी कमाओ!

Pallavi Trivedi : मैं आज उनतालीस वर्ष की उम्र तक भी अविवाहित रहने का साहस इसलिए कर सकी क्योंकि मैं अपने पैरों पर खड़ी हुई! मैं मुझसे शादी के लिए मिलने आये कई लड़कों को इसलिए मना कर सकी क्योंकि मैं अपने पैरों पर खड़ी हुई! मैं मेरा पैसा घूमने में खर्च करना चाहती हूँ या शॉपिंग में या चैरिटी में , ये फैसला इसलिए कर पाती हूँ क्योंकि मैं अपने पैरों पर खड़ी हुई!

आज परिवार और समाज में इज्जत पाती हूँ और लोग महत्वपूर्ण फैसलों में मुझसे सलाह ले लिया करते हैं क्योंकि मैं अपने पैरों पर खड़ी हुई! मुझमे सारी दुनिया अकेले घूमने का आत्मविश्वास और साहस है, क्योंकि मैं अपने पैरों पर खड़ी हुई! मुझे अकेलापन नहीं होता और समय काटने के लिए किसी और की ज़रुरत नहीं होती क्योंकि मैं अपने पैरों पर खड़ी हुई! कमाना केवल पेट भरने के लिए ही ज़रूरी नहीं है बल्कि साहसी और आत्मविश्वासी बनने के लिए भी ज़रूरी है ! आर्थिक आत्मनिर्भरता आपको वास्तविक आजादी देती है!

तो प्यारी लड़कियों… हर हालत में आर्थिक आत्मनिर्भर बनो. सिर्फ टाइम पास करने के लिए नहीं बल्कि अपनी आज़ादी के लिए कमाओ! पति करोड़पति हो तब भी कमाओ, पिता अरबपति हों तब भी कमाओ! जी भर के सुख लूटो अपनी स्वतंत्रता का!

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Pallavi Trivedi : शर्म आती है उन लड़कियों पर जो आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हैं और अपने दहेज़ के लिए माँ बाप को कर्ज़दार होते देखती हैं पर दहेज़ लेने वाले परिवार में शादी से इंकार नहीं करतीं !

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Pallavi Trivedi : अगर कोई स्त्री बोलचाल में माँ , बहन की अथवा स्त्री अंगों से सम्बंधित गालियां उपयोग करती है तो वह स्वयं स्त्री विरोधी व पुरुषवादी ही है ! फिर चाहे वो खुद को कितना भी " फेमिनिस्ट " या "स्त्री विमर्श की नेता" क्यों न घोषित करती फिरे ! जब तक स्वयं अपना सम्मान नहीं करोगी तब तक दूसरों से सम्मान की अपेक्षा व्यर्थ है !

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Pallavi Trivedi :  अगर कोई भी स्त्री या पुरुष अपने जीवन के अकेलेपन से उकताकर किसी भरोसेमन्द साथी की तलाश में घूमता घूमता फेसबुक पर चला आया है तो वह एक बेहद जटिल जाल में खुद को उलझाने के लिए तैयार रहे! ये प्लेटफॉर्म केवल अपना टेलेन्ट शो करने ,अपने विचार रखने , देश दुनिया में क्या चल रहा है , इस पर विभिन्न लोगों की राय जानने और शुद्ध टाइम पास करने के लिए है! भांति भांति के लोगों की भीड़ में आपके सपनों का हमसफ़र ढूंढना अति मूर्खता के सिवाय कुछ नहीं है! इससे बेहतर तो अचार पापड बनाना, एक अखबार को दस बार पढ़ना, सास बहू के सीरियल देखना और हिमेश रेशमिया के गाने सुनकर समय बिताना है! सिर्फ स्टेटसों को किसी व्यक्ति का आईना न माना जाए! लाइक और कमेंट के रिश्ते ही यहाँ बन सकते हैं और निभ सकते हैं!

मध्य प्रदेश की महिला पुलिस अधिकारी पल्लवी त्रिवेदी के फेसबुक वॉल से.

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