त्रैमासिक साहित्यिक पत्रिका ”बहुवचन” के संपादक बने अशोक मिश्र

वरिष्ठ सांस्कृतिक पत्रकार अशोक मिश्र की नियुक्ति महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा की त्रैमासिक साहित्यिक पत्रिका ''बहुवचन'' के संपादक पद पर हुई है। इससे पहले वे इंडिया न्यूज साप्ताहिक के सहायक संपादक पद पर कार्यरत थे। मिश्र ने वर्धा पहुंचकर ''बहुवचन'' संपादक की जिम्मेदारी संभाल ली है। अशोक मिश्र पिछले बीस बरसों से अधिक समय से प्रिंट मीडिया से जुड़े हुए थे। वे राष्ट्रीय सहारा, डेली हिंदी मिलाप, दैनिक जागरण, अमर उजाला और आज समाज दैनिक व इंडिया न्यूज साप्ताहिक के संपादकीय विभागों में वरिष्ठ पदों पर काम कर चुके हैं। अशोक दिल्ली के प्रमुख सांस्कृतिक पत्रकारों में हैं।

स्वभाव से कथाकार अशोक मिश्र साहित्य की कई विधाओं लघुकथा, कहानी, आलोचना के साथ-साथ साक्षात्कार और सांस्कृतिक पत्रकारिता में

अशोक मिश्र
अशोक मिश्र
लगातार लिखते पढ़ते रहे हैं। उनकी दर्जनों कहानियां, सौ से अधिक लघुकथाएं, लेख, रिपोर्ट, पुस्तक समीक्षाएं, साक्षात्कार पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। मिश्र उत्तर प्रदेश के फैजाबाद जिले की सोहावल तहसील के रहने वाले हैं। वर्ष २००४ में प्रकाशित उनका लघुकथा संग्रह ''सपनों की उम्र'' खासा चर्चित रहा था। वे दिल्ली से साहित्यिक छमाही 'रचना क्रम' का संपादन पिछले तीन बरसों से करते रहे हैं।

श्री अशोक मिश्र कई पत्र पत्रिकाओं के कालम लेखक भी हैं। वे इन दिनों ''उत्तरगाथा'' शीर्षक से ''कथा क्रम'' त्रैमासिकी में साहित्यिक गतिविधियों, नयी किताबों और पत्र पत्रिकाओं पर कालम भी लिख रहे हैं। उनके आने के साथ ही महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा की पत्रिका ''बहुवचन'' को उसका नया संपादक मिल गया है। उन्होंने कहा कि ''बहुवचन'' में पाठकों को जल्द ही एक नया तेवर देखने को मिलेगा। इसके साथ ही पत्रिका का प्रकाशन समय पर किया जाएगा।

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