दस बनाम पचास लाख का मुआवजा सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन

सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर ने शहीद पुलिसकर्मी राहुल ढाका (मुजफ्फरनगर), अनिरुद्ध यादव (बरेली), सतीश परिहार (आगरा) और राजेश प्रसाद द्विवेदी (इलाहाबाद) के परिजनों को दी गयी दस लाख की आर्थिक सहायता और एक नौकरी को जिया मामले में दिये मुआवजे के सन्दर्भ में संविधान की धारा 14 और सुप्रीम कोर्ट द्वारा इन रे द स्पेशल कोर्ट्स बिल (1978 (1979) 1 SCC 380) में पारित आदेशों का उल्लंघन होने के नाते विधि विरुद्ध बताया है.

उन्होंने कहा है कि सरकार को विचारपूर्ण वर्गीकरण करने का अधिकार है लेकिन इस मामले में शहीदों के मुआवजे के किया गया अंतर अनुचित और मनमाना है जिसका कोई समुचित आधार नहीं है. ठाकुर ने कहा कि वे एक आईपीएस अधिकारी की पत्नी के रूप में इस प्रकरण से व्यक्तिगत रूप से प्रभावित हैं. अतः वे उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी से इन चारों शहीद पुलिसकर्मी को डिप्टी एसपी जिया उल हक़ की तरह सभी प्रकार की सरकारी आर्थिक सहायता और दो सदस्यों को नौकरी की मांग करती हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *