दिलीप चौबे, रवीश कुमार सहित चार पत्रकारों को गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार

नई दिल्ली। केन्द्रीय हिन्दी संस्थान आगरा द्वारा सोमवार को वर्ष 2010 और 2011 के लिए हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए सात श्रेणियों के पुरस्कारों की घोषणा की गई. संस्थान के उपाध्यक्ष प्रो अशोक चक्रधर व निदेशक प्रो मोहन ने नई दिल्ली में इस आशय की जानकारी दी.
 
हिन्दी पत्रकारिता और के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए राष्ट्रीय सहारा के देहरादून संस्करण के स्थानीय संपादक दिलीप चौबे, एनडीटीवी के वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार, प्रो. गोविंद सिंह और शिव नारायण को गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार से सम्मानित किया जायेगा.
 
हिंदी के विकास से संबंधित सर्जनात्मक व आलोचनात्मक क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवाओं के लिए सुब्रहमणयम भारती पुरस्कार 2010 के लिए डीयू के समकुलपति प्रो सुधीश पचौरी व श्याम सुंदर दुबे और 2011 के लिए प्रो. दिलीप सिंह व प्रो नित्यानंद तिवारी को प्रदान किया जाएगा.
 
गैर हिन्दी भाषी राज्यों में हिन्दी के प्रचार-प्रसार और हिन्दी प्रशिक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए दिये जाने वाला गंगाशरण सिंह पुरस्कार वर्ष 2010 के लिए आरएफ नीरलकट्टी, पदमा सचदेव, जाह्नु बरुआ, डॉ. एसए सूर्य नारायण वर्मा और 2011 के लिए डॉ. एच बालसुब्रमण्यम, रॉबिन दास, प्रो टीआर भट्ट और सिजगुरु मयुम कुलचंद्र शर्मा को प्रदान किया जा रहा है. 
 
वैज्ञानिक एवं तकनीकी साहित्य एवं उपकरण विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए आत्माराम पुरस्कार दिया जा रहा है. 2010 के लिए यह सम्मान अनिल कुमार चतुर्वेदी व काली शंकर व 2011 के लिए महेश डी कुलकर्णी को यह सम्मान प्रदान किया जा रहा है.
 
हिन्दी में खोज और अनुसंधान करने व यात्रा विवरण आदि के लिए महापंडित राहुल सांकृत्यायन पुरस्कार 2010 के लिए डॉ. परमानंद पांचाल व प्रो रघुवीर चौधरी और 2011 के लिए प्रो असगर वजाहत और वेद राही को प्रदान किया जाएगा. विदेशी हिन्दी विद्वानों को विदेशों में हिन्दी के प्रचार प्रसार में उल्लेखनीय कार्य के लिए डॉ जॉर्ज ग्रियर्सन पुरस्कार दिया जाता है. वर्ष 2011 के लिए यह पुरस्कार डॉ शमतोव आजाद (उजबेकिस्तान) और 2011 के लिए डॉ उजोकिम (सियोल, दक्षिणी कोरिया)  को प्रदान किया जा रहा है. विदेशों में हिन्दी के प्रचार-प्रसार के लिए 2011 के लिए मोटरि सत्यनारायण पुरस्कार मदनलाल मधु (रूस)  और 2011 के लिए तेजेन्द्र शर्मा, (इग्लैंड) को सम्मानित किया जाएगा.
 
अखिल भारतीय हिन्दी सेवा सम्मान योजना के तहत 1989 से प्रारम्भ इस पुरस्कार के अन्तर्गत प्रतिवर्ष 7 श्रेणियों में 14 विद्वानों को सम्मानित किया जाता है. इस बार 2010 तथा 2011 के लिए कुल मिलाकर 28 लोगों को सम्मानित किया जायेगा. विद्वानों को राष्ट्रपति के द्वारा 1 लाख रूपये, शाल तथा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाता है.

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