दिल्ली में शिक्षक का भूख हड़ताल तीसरे दिन भी जारी

दिल्ली : भीम राव अंबेडकर कॉलेज के वाणिज्य विभाग के एसोसिएट प्राध्यापक डा. डी के पांडेय की दिल्ली विश्वविद्यालय के उपकुलपति कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल गुरूवार को तीसरे दिन भी जारी रही। अभी तक विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से कोई प्रतिक्रिया जाहिर नही की गई है जिसके चलते डा. पांडेय के सहयोगी शिक्षकों और विद्यार्थियों ने आज उपराज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। डा. पांडेय का कहना है कि जब तक निष्पक्ष ओ.एस.डी. को नियुक्त करने की मांग पूरी नहीं हो जाती तब तक वे अपनी भूख हड़ताल समाप्त नहीं करेंगे।

कॉलेज प्रबंधन समिति के पूर्व अध्यक्ष डा. रवि चतुर्वेदी ने भूख हड़ताल पर बैठे शिक्षकों और विद्यार्थियों की बात सुनी और कहा कि ऐसे मामले मे निष्पक्ष जांच की मांग करना जायज़ है और इसके लिए किसी निष्पक्ष व्यक्ति को कार्यभार दिया जाना चाहिए।

गौरतलब है कि डा. जी के अरोड़ा के निलंबन के पश्चात कॉलेज प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्री शिवनाथ शर्मा द्वारा वरिष्ठतम प्राख्याध्यापक डा. आर बी सोलंकी को कार्यवाहक प्राचार्य बनाये जाने का डा. पांडेय, अन्य शिक्षक और विद्यार्थी विरोध कर रहे हैं। उऩका कहना है कि पवित्रा भारद्वाज मामले की निष्पक्ष जांच डा. सोलंकी के होते हुए असंभव है। डा. सोलंकी फरवरी 2007 तक डा. अरोड़ा के आने से पूर्व कार्यवाहक प्राचार्य थे। डा. अरोड़ा के विरूद्ध चल रही न्यायिक जांच को गुमराह व लंबा करने मे डा. सोलंकी का हित निहित है।

डा. पांडेय का कहना है कि पवित्रा भारद्वाज के आत्मदाह की घटना की निष्पक्ष व त्वरित जांच तभी संभव है जब कॉलेज मे किसी ओ.एस.डी. की नियुक्ति हो। यह एक अत्यंत संवेदनशील मामला है और इसके दस्तावेजों को अत्यंत सुरक्षित हाथों रखा जाना आवश्यक है।

डा. डी के पांडेय मंगलवार शाम से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इसमे उनके साथ कॉलेज के अनेक शिक्षक और विद्यार्थी शामिल हैं। उनकी मांग है कि उनके कॉलेज मे डा. आर बी सोलंकी को कार्यवाहक प्रिंसिपल नियुक्त नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि ऐसे समय मे दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा ओ.एस.डी को नियुक्त किया जाना चाहिए ताकि जांच निष्पक्ष हो सके।

वर्ष 2007 मे जब डा. जी के अरोड़ा प्राचार्य बने थे तो उनसे पहले डा. आर बी सोलंकी ही कार्यकारी प्राचार्य थे और तभी से शिक्षकों और कर्मचारियों का एक वर्ग डा. अरोड़ा को लगातार परेशान करता रहा है। ऐसे मे अगर डा. सोलंकी कार्यवाहक प्राचार्य बने रहे तो निष्पक्ष जांच नहीं होगी। क्योंकि पवित्रा भारद्वाज से संबधित सभी दस्तावेज उन्ही के पास होंगे और संदेह है कि उऩ दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है। निष्पक्ष और शीघ्र जांच के उद्देश्य से डा. सोलंकी के स्थान पर किसी ओ.एस.डी. का आना आवश्यक है।

DR D K PANDEY
ASSOCIATE PROFESSOR
B R AMBEDKAR COLLEGE, DU
MOB: 9871411184

प्रैस विज्ञप्ति

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