दीपक चौरसिया ने एक बड़ा काम कर दिया है…. क्या और कैसे? इसे पढ़ें

Yashwant Singh : दीपक चौरसिया ने एक बड़ा काम कर दिया है. शायद इस काम का अंदाजा उन्हें भी न होगा. कितना बड़ा काम किया है, यह बताने से पहले एक कहानी बताना चाहूंगा. एक बार इंडिया टीवी में कार्यरत एक बंदे ने जी न्यूज में तत्कालीन संपादक रहे सतीश के. सिंह को एसएमएस किया. यह एसएमएस नौकरी मांगने के लिए एक मुलाकात करने के लिए था, मुलाकात के लिए टाइम मांगने के लिए था. कहा जाता है कि सतीश के. सिंह ने उस एसएमएस को विनोद कापड़ी को फारवर्ड कर दिया, उस विनोद कापड़ी को जो तब और अब भी इंडिया टीवी के मैनेजिंग एडिटर हुआ करते हैं. कापड़ी ने उस बंदे का अपने यहां क्या हश्र किया होगा, यह बताने की जरूरत नहीं है.

अजीत अंजुम जो न्यूज24 में लंबे समय से मैनेजिंग एडिटर हैं, एक जमाने में कहा करते थे कि उनकी मर्जी के बिना हिंदी न्यूज चैनल इंडस्ट्री में पत्ता भी नहीं खड़क सकता. उनका सारा जोर अपने अधीनस्थों को यह बताने डराने में होता रहा है कि अगर तुम यहां से लड़ भिड़ छोड़ छाड़ के कहीं गए तो वहां भी नौकरी नहीं मिलेगी जहां तुम जाने के इरादे कर रहे हो क्योंकि वहां जो हैं, वो सब उनके अपने हैं.

मतलब ये कि हिंदी न्यूज चैनल इंडस्ट्री में एक बड़ा काकस काम करता रहा है और कर रहा है. इसमें गाहे बगाहे आशुतोष वगैरह भी शामिल होते हैं या शामिल हैं, क्योंकि कोई दूसरे तगड़े चैनल का मैनेजिंग एडिटर अगर आशुतोष से कहेगा कि इस बंदे को अपने यहां नहीं रखना है तो वो नहीं रखेंगे, क्योंकि एक तो उनको मैनेजिंग एडिटर का मान रखना है और दूसरे उन्हें यह पता है कि इस इंडस्ट्री में एक बेरोजगार को भगाओ तो तीस नए मिलेंगे, रिरियाते हुए नौकरी मांगने के लिए.

एक तरह से सोच के स्तर पर ब्राह्मणवादी वर्चस्व रहा है हिंदी न्यूज चैनल इंडस्ट्री में कुछ लोगों का. और, इस काकस, एका के कारण ढेर सारे होनहार पत्रकार जो रीढ़ सीधी रखते हैं और इस काकस की चेलहाई स्वीकारने से इनकार करते हैं, अपना काम अदभुत तरीके से करते हुए किसी की भी राजनीति का हिस्सा नहीं बनते हैं, उन्हें असमय हिंदी टीवी की पत्रकारिता के परिदृश्य से नेपथ्य में जाना पड़ा और पड़ता है.

मुझे खुद भी याद है जब मेरा शुरुआती विवाद हुआ नौकरी मांगने के निमित्त एक फोन कर देने भर से, विनोद कापड़ी से, भड़ास ब्लाग के दौरान और भड़ास4मीडिया के बनने से पहले, तब जब मैं जागरण में था, और इस विवाद के बाद दैनिक जागरण से बाहर पटक दिया गया, तो अजीत अंजुम ने कहा था अपने आफिस के लोगों से कि इस यशवंत को जिस किसी ने भी, खासकर मेरे आफिस के किसी बंदे ने, इंटरटेन किया तो उसका हाल बहुत बुरा होगा, देखता हूं ये यशवंत नामक प्राणी विनोद कापड़ी से पंगा लेकर कैसे टिक पाता है इस इंडस्ट्री में, कैसे टिक पाता है इस दिल्ली में. मुझे ये बात कई लोगों ने बताई और ये अनुरोध भी किया कि कृपया उनका नाम भड़ास ब्लाग पर न दें.

तब से लेकर आजतक मैं इंतजार करता रहा उस शख्स का जो आए और इस काकस, इस नेक्सस, इस गठजोड़ को आइना दिखा दे, तोड़ डाले… और वो काम किया है दीपक चौरसिया ने. अब बताना चाहूंगा कि दीपक ने कितना बड़ा काम किया है. दीपक ने ब्राह्मणवादी वर्चस्व वाले हिंदी टीवी इंडस्ट्री में टीआरपी का परचम फहराकर यह साबित किया है कि टीआरपी की बुद्धि और काबिलियत किन्हीं उन ब्राह्मणवादी मानसिकता और घटिया सोच वाले पत्रकारों में ही नहीं होती, उनमें भी होती है, जो उनके बगैर जीते और आगे बढ़ते हैं.

हो सकता है दीपक चौरसिया को लेकर कुछ एक के मन में कोई आग्रह या पूर्वाग्रह हो और मेरे मन में भी कुछ सवाल हों, पर फौरी, तात्कालिक तौर पर यह कह सकता हूं कि हिंदी टीवी न्यूज इंडस्ट्री अब एक नए दौर में जाने को तत्पर है जहां उन लोगों को भी काम मिलेगा और काम छोड़ कर नया काम खोजने की आजादी मिलेगी, जो किसी की चेलहाई नहीं करते और अपने काम से काम रखते हैं, साथ ही अपना काम ब्रिलियेंट तरीके से करते हैं.

फिलहाल आज की शाम दीपक चौरसिया के नाम…

मेरी निजी आकांक्षा है कि दीपक चौरसिया के नेतृत्व में इंडिया न्यूज चैनल न सिर्फ इंडिया टीवी को खा जाए बल्कि एबीपी न्यूज को भी खा जाए जहां से दीपक खुद निकले हैं और जिनको ये बताना है, साबित करना है कि उनका जाना, उनका इस्तीफा देना बिलकुल सही था और दुनिया में वही जीतता, राज करता है जो बड़ा रिस्क लेता है.

जय हो.

Aamir Kirmani मेरी शुभकामनाये और आपके संघर्ष को भी सलाम Yashwant Singh भाई
 
शशांक शेखर ये मस्त बात हुई..
 
Deepak Awasthi बिल्कुल सच कहा आपने
 
Vijay Yadav भाई , वाकई आपकी इसी बेवाकी के लोग कायल है. ग्रुपिंग का शिकार मै भी हु। फ़िलहाल आपके इस लेख को मेरा लाख-लाख सलाम ………..
 
Vikash Upreti Great…
 
Jai Prakash Mahish Deepak chaurashiya namhi kafi hai…
 
Shailendra Kumar Nimbalkar 100% true my blessings
 
पंकज कुमार हो सकता है आपकी सभी बातें सच हों, भगवान करे दीपक जी के नेतृत्व में इंडिया न्यूज को बहुत आगे जाये, लेकिन इस चैनल को खा जाये उस चैनल को खा जाये …. ये तो गलत बात है।
 
Ashish Mishra Yaa khuda bade pench hai is field me bhi
 
Yashwant Singh पंकज कुमार जी. बात खाने की टीआरपी में है, न कि भकोसने में, जैसे हनुमान सूर्य को भकोस गए थे.. ऐसा कहा जाता है… पर मैं वैसा नहीं चाहता… यहां डेमोक्रेसी है, सबका सम्मान और मान रहना चाहिए, सभी सरवाइव करें, ये मेरा निजी मत और दुआ है सबके लिए.
 
Adarsh Tripathi sahi h
 
Manish Mansi कम से कम लोग Deepak chaurasia से कुछ तो सीखेंगे .वरना पत्ते चाटी से कुछ नहीं मिलने वाला
 
महेश जायसवाल 'जोगी' Yashwant Singhआप चाहे जि‍तना लम्‍बा चौडा लेख लि‍ख दें पर मै तो आपको ही मीडि‍या का महारथी मानता हूं…आपसे हमेशा कुछ न कुछ सीखने को मि‍लता है ।
 
Jitendra Kishore bilkul theek kaha yashwant ji aapne.
 
Syed Mohammad Altamash Jalal aaj ki debate mein ghazab dhya hai deepak ji ne
 
पंकज कुमार आपकी बात से पूर्ण सहमत हूं, स्वच्छ प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए।
 
Arvind Srivastava bilkul sahi bhai unique personality to hai deepak chaurasiya ji
 
Kunaal Jaiszwal Bhaiya aapki baat se sahmat hoon aur aapki tarif bhi karta hoon lekin aise logo ki kahani unki facebook wall se aap apne sansthan me kyu likhte hai jo is layak nahi hain
 
Manish Sharma दीपक जी ज्यादा योगदाण राणा यशवंत जी का है…!!
 
Devanand Yadav जी यशबन्त जी आपका मत बिल्कुल सही है जो जितना बड़ा रिस्क लेगा , वो उतना ही आगे बढ़ता है .. यही दिपक चौरसिया जी ने सिद्ध करके दिखा दिया है .. आज इंडिया न्यूज परचम लहरा रहा है किसकी बदौलत .. सिर्फ और सिर्फ दीपक और उसकी कड़ी मेहनत के कारण ही …आज की शाम दीपक चौरसियां और यशवन्त जी के नाम …
 
Raju Das Manikpuri Aap is baat se sahamat hu aakhir hunar bhi koi chig hai hum bhi sataye hua hai kya nahi kiya hamne trp ke chakar me mila kya anda/prata.
 
Prem Chand Gandhi दीपक चौरसिया भी अंतत: ब्राह्मणवादी ही है यशवंत जी… इस व्‍यवस्‍था में ये सब यही बने रहने की प्रक्रिया में संलग्‍न हैं…
 
Shyamji Mishra बड़े भाई लोग ब्राह्मणवादी की बात कुछ हद तक सही हो सकती है .पर ज्यादा तर सीनियर पञकारों और संपादकों को अपनी पञकारिता पर ज्यादा घमंड रहता है .और जूनियर पञकारों को ज्यादा अहमियत नहीं देते है .क्यों कि जूनियर पञकार मेहनती और कर्तब्यनिषठ होता है .इस लिए संपादकों को ये डर बना रहता है कि कहीं मेरी कुर्सी ना चली जाय.और रही ब्राह्मणवादी वाली बात तो जैसे एक कुत्ता दूसरे कुत्ते को देखकर गुर्राता है वैसे ही एक ब्राह्मण दूसरे ब्राह्मण का भला नही चाहता !
 
Sanjaya Kumar Singh शुरुआत और उदाहरण से लगा कि दीपक ने चौकड़ी (कॉकस कहना सही रहेगा, चौकड़ी में तो चार ही होंगे) के किसी तोप सदस्य के घनघोर विरोधी को नौकरी दे दी है। पहली नजर में तो मुझे लगा आपको सलाहकार तो नहीं बना लिया। पर बाद में ऐसा कुछ नहीं मिला। चैनल की सफलता टीम वर्क है। टीम अच्छी होगी तो चैनल कामयाब रहेगा। टीम में पहले ही छांटकर बिना रीढ़ वालों को (कई बार रीढ़ सीधी रखने वाले की भी गुंजाइश नहीं होती) रखा जाएगा तो ऐसे ही चलता रहेगा। दीपक का चैनल अच्छा चल रहा है तो दीपक को बधाइयां, उनकी टीम को भी। लाला को भी जो उनको काम करने दे रहा है। हालांकि चुनाव का समय है लाला को भी साख बनानी है। फिर भी देखते रहिए। फिल्म अभी बाकी है मेरे दोस्त।
 
Yashwant Singh प्रेमचंद भाई… एक बात आपसे कहना चाहूंगा. दीपक चौरसिया की तारीफ तबके सभी संपादक मुंह पर करते रहे हैं, पर पीठ पीछे किसी ने नहीं चाहा कि ये आदमी बड़ा बने.. इसका एहसास दीपक को भी होगा.. हालांकि दीपक के पास वक्त नहीं इन चीजों पर लिखने बोलने कहने के लिए… लेकिन मैं मीडिया के गहरे से जुड़ा हुआ हूं, सो, जानता हूं कि दीपक चौरसिया के प्रति संपादकों का वही रवैया रहा है जो एक जमाने में यादवों के लिए होता था, कि अहीर हो तो गाना बिरहा गाओ.. कहां चले आए इस पेशे में…. ये बड़ा कटु सत्य है … दीपक ने अपने दम पर, भले वह बुरा या सही हो, खुद की सीढ़ी बनाई है.. बाकी, बाजार व टीआरपी का पूरा सिस्टम जनता से दूर का है, ये आप भी जानते हैं और मैं भी. लेकिन कई बार कुछ लोगों को प्रमोट करना, सपोर्ट करना पड़ता है ताकि ज्यादा जटिल, दुष्कर, तानाशाह, घमंडी टाइप लोगों का साम्राज्य चूर किया जा सके…
 
Pratik Sharma I liked…main bhi ye batana chaunga verma ji ki main bhi dipak ki ka bahut bada fan ..hu..bahut hi achhe vyaktitv k …insan hai dipak…chaurasiya ji..
 
Yashwant Singh श्यामजी मिश्रा, मैं ब्राह्मणवादी विचारधारा की बात कर रहा हूं, बाभनों की नहीं…
 
Atul Katyayan Misra sir ek saal se iis industry me job talaash rha hu par ab dil aur dimag kahne laga hai koi dusri line pakad le beta
 
Pratik Sharma Sorry dipak ji ka…
 
Atul Katyayan Misra kya karu apki rai chahuga
 
Yashwant Singh अतुल मिश्रा जी, जल्द से जल्द दूसरी फील्ड में जाब तलाशिए… वहां आर्थिक रूप से खड़े होइए और शौकिया पत्रकारिता करिए…. बाकी, अगर आपमें कई किस्म की काबिलियत है यानि आपकी कापी शुद्ध होती है, ग्रामर सही है, सहजता और तेजी है तो आपको मौका मिल सकता है..
 
Sanjaya Kumar Singh लेकिन नौकरी की पूरी उम्र पत्रकारिता में काटना मुश्किल है। कमाने की कोई व्यवस्था हो तो पेशा मजेदार है।
 
Yashwant Singh संजय भइया, दो बातें. एक तो दीपक इस चैनल में मालिक बनकर आए हैं, यानि उनका शेयर भी है. ये भी एक बड़ा प्रयोग और बड़ा माद्दा है, जो बाकी चिरकुट संपादकों से उन्हें अलग करता है. बाकी संपादक मालिक को तेल लगाकर नौकरी बचाने के लिए अभिशप्त रहते हैं.. दूसरे, दीपक ने मुझे सलाहकार तो नहीं बनाया है, और, वो मेरा भी फोन नहीं उठाता, लेकिन, मुझे लगता है कि पिछले छह सालों से जो मैं इंडस्ट्री को वाच कर रहा हूं, भड़ास चला रहा हूं… तो इस एक बंदे ने सच में धमाल मचा रखा है टीआरपी को लेकर. बाकी ढेर सारे बड़े नाम वाले चैनल लेकर आए, संपादक बनकर आए और शहीद हो गए, सिर्फ अपनी जेब भर पाए और ढेर सारों की नैया डुबोकर चलते बने.. शैलेष टाइप अब भी कई हैं जो जाने किस गहन अंधेरे में चैनल चला रहे हैं.. न कोई पूछने वाला है, न कोई जिक्र करने वाला….
 
Sanjaya Kumar Singh सही कह रह हैं आप। सहमत हूं।
 
Atul Katyayan Misra thank you sir
 
Pankaj Sharma बाकी ढेर सारे बड़े नाम वाले चैनल लेकर आए, संपादक बनकर आए और शहीद हो गए, सिर्फ अपनी जेब भर पाए और ढेर सारों की नैया डुबोकर चलते बने……मीडिया के उत्थान और पतन की पूरी कहानी छुपी है….इन दो लाइनों में
 
Krishna Mohan Aapki bat sahi hai kintu ajit brahman nahi hai, wo bhumihar hai aur uske father ka name Ram Sagar Singh hai. Voh dhurt aur chalbaj hai,yeh bat channel head anuradha prasad ko samajhani chahiye.
 
Yashwant Singh कृष्ण मोहन जी, ये सबको पता है कि अजीत अंजुम, सतीश के सिंह, एनके सिंह, शैलेश.. ये सभी भूमिहार हैं… इसमें मीडिया वालों को बताने जैसी कोई जरूरत नहीं है…
 
Ajay Katare · Friends with Pankaj Sharma and 9 others
प्रिय यशवंत जी ऑफीस पॉलिटिक्स हर जगह रहती है इसमे ब्राह्मण और ब्राह्माणवाद को जोड़ना ठीक नही है और रही बात चेनल की तो ये सिर्फ़ पैसे वालो का ही काम बचा है होनहार के पास सिर्फ़ नौकरी है कही भी करो सिस्टम यही मिलेगा…..
 
Niket Bhargava Rashtra ब्राह्मणवादी वर्चस्व रहा है???? kab raha hai… paisa lagaa hai Church aur Saudee ka
 
Niket Bhargava Rashtra bhoomihhaaro ne hi bhoomi daan ki hai tabhi bhalaa huaa sabka bihaar mein…
 
Niket Bhargava Rashtra R U a NAXALITE ????
 
Niket Bhargava Rashtra Karan Thapar, N Ram, Sagrika Ghosh… ye sab brahminwaadi hain ha ha ha ha ha…
 
Niket Bhargava Rashtra ha ha ha ha… Good Joke…
 
Niket Bhargava Rashtra U R really…
 
Yashwant Singh हे निकेत भार्गव राष्ट्रा.. तुम्हें न तो हिंदी लिखनी आती है और न ही हिंदी में लिखे गए को समझ पा रहे हो… दुबारा पढ़ो.. सारी बात हिंदी न्यूज चैनलों को लेकर हो रही है…
 
Niket Bhargava Rashtra Arre kisi bhi channel ki ho rahi ho… bakwaas patak rahe ho… Deepak Chaurasiya great man… LOL… Ye hindi bhaashi jyaada ho to NEWS CHANNEL ko bhi hindi me likho srimaan… sahbdo ko dhang se prayog karo… chalaataau vaktvya mat do…
 
Pradeep Sharma दादा एक बात तो आपको माननी पड़ेगी की जुगाड़ नामक जो शव्द है वो तो चिपका है न मीडिया की नोकरी में। और दादा यहाँ दम नहीं दरख्वास्त देखी जाती है कि कितनी बड़ी है ।
 
Rajesh Ranjan Puri baazi dipak chaurasiya ne palat ke rakh diya hai, Hindi channel ki .
 
Krishna Mohan Yashwant jee. Ajit jab is peshe mein nahi aaya tha,tab se use mai jan raha hoon, voh mere mitra Ramesh Poddar ka chela hai. Uske pita muzaffarpur court mein JM the,tab voh P.N.Mishra namak patrakar ke pichhe-pichhe ghooma karta tha.bad poddar ka chela bana
 
Tara Chandra Gupta Bilkul sahi
 
Mohammad Anas बाबा लाजवाब लिखे हो ..कसम से . पूरा नेक्सस ही उखाड़ फेंका न सिर्फ भड़ास ने बल्कि इण्डिया न्यूज़ ने भी . और यह काम यशवंत एवं दीपक द्वारा होता है ,जय हो ..जिंदाबाद
 
Care Naman Tabhi to ye vyakti sabse pahle wanaha panuchta hai janha per hawa bhi nahi panuchpati …?
 
Narendra Mishra Aise Jo bhi ho , Lekin Apne Aap me Glaani Mahsus ho rha h.. Vajah Aap B samajh gye honge .. Sthiti Sochneeya h.. Aapka Vichaar b saraahneeya h.
 
Aasmohammad Kaif shera.
 
Sudhir Sharma इस बारे में दीपक चौरसिया की राय भी प्रकाशित करे यशवंत जी.. keep it on please
 
Krishna Rao यशवंत जी आपकी बात बहुत कुछ सही है और दीपक जी नई प्रतिभाओ को प्रोत्साहित करने के लिए भी जाने जाते है । मुझे एक बात समझ नहीं आ रही है कि इण्डिया न्यूज मेरे वीडियोकान डीटीएच पर उपलब्ध क्यों नहीं है ?
 
Vijay Kumar Mishra आसान से चारे आसा राम को दे दिया पूरा प्राइम टाइम / आतंक वादियों / मन मोहन / अचानक हीरो बनना छह रहे पप्पू ( अध्यादेश फाड़ दो ) तमाम मुद्दे हैं / अरे आसा राम तो निपट गए / जरूरी मुद्दों को देखो?
 
Imran Idris sahmat Yashwant Singh ji …..
 
Acharya Sushil Gangwar yahwant bhai .. ye to lafda hai jab kowi journalist badi post par aa jata hai to esa karta hai magar ab adne patrakar kuch thoda bahut kar lete hai to unka dimag kharab ho jata hai .. Fir Deepak bhai , Ajeet Bhai to , Vinod to badi position par baithe hai .. Es liye ensaan ko apna ahkaar dava ke yaa gath me badh kar rakh dena chahiye or kaam karte rahna chahiye ..
 
David Vinay दीपक जी को बताना चाहता हूँ आप को मध्यप्रदेश सहित देश के पत्रकारो की स्थिति ओर जीवका पर धयान देना चाहिए आपने जिस हाला तों का सामना किया वो हर पत्रकार नही कर सकता आपने हर वकत को मज़े मे लिया ओर जीत हासिल की …. पर पत्रकार समाज के लिए ग्राम से जिले तक के पत्रकारों के लिए भी कुछ करे…….
 
Vikas Kumar India Ki Best Team Hai ,, Rana Yeswant Aur Dipak Ji Ki
 
Devanand Yadav प्रेम चन्द जी , दीपक चौरसिया भी फारवर्ड लॉबी को तोड़ने के लिए… उन्ही के शस्त्रों का प्रयोग कर रहे है …तो जाहिर है दोनों में समानता तो होगी ही…
 
Rk Gandhi दीपक चौरसिया ने जो काम किया है..वो तो मील का पत्थर तो है ही…लेकिन यशवंत जी आपने जिस शैली में इलेट्रानिक मीडिया की वस्तुस्थिति को सामने रखा है..काबिलेतारीफ है..
 
Rabindra Kumar Madhesia Lagata hai deepak chaurasiya aaplogo ko gutaka khila jar aapni TRP badha rahe hai…
 
Chandralok Singh Patel bataur darshak hum aap ke sath hai.
 
अन्वेषण सिंह बागी "वीर भोगे वसुन्धरा" और आज का वीर दीपक चौरसिया को कहने में किसी को भी हिचक महसूस नहीं करना चाहिए |
 
Somesh Shukla Sahmat
 
Akshat Saxena jai ho………..yashwant bhai………khoob kahi…….sahi samay par sahi war…..
 
Ravindra Ranjan sahi likha hai
 
Sushil Sharma यशवंत जी ,,, सभी काम करने के स्थानों पर प्रतीस्पर्धा होती है ,,,अपनी नाकामियों को किसी धर्म-समाज से जोड़ना सही नहीं है ,,,मेहनत करे ;आगे बड़े।

Sandeep Jain यशवंत जी रिस्‍क लेने वालों के कदम ही दुनिया चूमती है
 
Sabir Khan mehnat karne walo ki kabhi haar nahi hot.. himmet karne walo ki kabhi haar nahi hoti…
 
Dev Nath bahut khub
 
Rajesh Rai Supriya prasad and Dilip Mandal bhi apne dam par hi Media Industry me chhaye huye hai. News 24 se Supriya Prasad bhi bahar aye aur Aj tak ke head hai. Deepak Ji pahle unka nam lijiye shabashi ke liye

भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह के फेसबुक वॉल से.

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