देखें, दैनिक जागरण विज्ञापन फर्जीवाड़े से जुड़े परिवाद पत्र की मूल प्रतियां

बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी माननीय सुरेन्द्र प्रताप सिंह के न्यायालय में दायर परिवाद- पत्र, जिसकी परिवाद संख्या-2638/2012 है, में संज्ञान के बिन्दु पर अदालती फैसले की तारीख आगामी 03 अप्रैल, 13 निर्धारित कर दी गई है।

इस बीच, पूरे विश्व के हिन्दी ई-पाठकों की मांग पर परिवाद-पत्र की मूल-प्रति इस समाचार के साथ प्रकाशित की जी रही है। दूरभाष पर लगातार मांग हो रही थी कि दैनिक जागरण के सरकारी विज्ञापन फर्जीवाड़ा के मुकदमे के स्वरूप को प्रकाशित किया जाए, जिससे बिहार के साथ-साथ झारखंड, उत्तर प्रदेश और अन्य प्रदेशों में  बर्खास्त क्रांतिकारी मजदूर अपने-अपने जिलों में दोषियों के विरूद्ध अदालती कानूनी कार्रवाई कर सकें।

और तो और, देश के अनेक केन्द्रीय और राज्य सरकार के मंत्रियों, आईएएस और आईपीएस अधिकारियों ने भी परिवाद-पत्र की मूल प्रतियों को इन्टरनेट पर जारी करने की मांग की है। वे समझना चाहते हैं कि देश के शक्तिशाली कारपोरेट प्रिंट मीडिया हाउस के आर्थिक अपराध की बारीकियां आखिर क्या है? आर्थिक अपराध की बारीकियों को कानून के दायरे में किस प्रकार पिरोया गया है, वे लोग जानने को बेताब हैं। परिवाद-पत्र में वर्णित कानूनी पक्ष को समझने में यदि किसी पाठक को दिक्कत महसूस हो, तो वे बेहिचक कानूनविद् काशी प्रसाद और श्रीकृष्ण प्रसाद से दूरभाष नं0  09470400813 पर शाम 07 से शाम 9 बजे के बीच सम्पर्क कर सकते हैं। परिवाद-पत्र की मूल प्रतियां यहां स्कैन कर प्रस्तुत की जा रही हैं।

एसके प्रसाद की रिपोर्ट.

अपने मोबाइल पर भड़ास की खबरें पाएं. इसके लिए Telegram एप्प इंस्टाल कर यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *