दैनिक जागरण की पीत पत्रकारिता के खिलाफ अग्रवाल महासभा की बैठक

: आज पुनीत को फंसाया, कल किसी को भी फंसा सकते हैं : ईंट का जवाब पत्थर से देंगे, मीडिया मर्यादा का पालन करें : आगरा। अग्रवाल महासभा की बैठक में दूसरे दिन भी पुष्पांजलि समूह के निदेशक पुनीत अग्रवाल के मामले पर भारी आक्रोश जताया गया। एक स्वर से कहा गया कि आज पुनीत अग्रवाल को फंसाया गया है, यदि चुप बैठे तो  कल किसी निर्दोष को फंसाया जा सकता है। समाज के लोग इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। ईंट का जवाब पत्थर से देंगे।

शुक्रवार को सिल्वर पॉइंट पर हुई महासभा की बैठक में पुनीत अग्रवाल के साथ हुए घटनाक्रम पर गंभीरता से विचार किया गया।  वक्ताओं का कहना था कि पुनीत अग्रवाल को मामले में झूठा फंसाया गया है। इसमें मीडिया ने अपनी पावर का दुरुपयोग किया है। यह इतना बड़ा मामला नहीं था जिसके लिए दो दिनों तक अखबारों को रंगा जाए। समाज और शहर की बहुत सारी समस्याएं हैं। व्यवसायी आनंद अग्रवाल गोली लगने से घायल होने पर मेदांता में इलाज करा रहे हैं, उन्हें आज तक इंसाफ नहीं मिला। इन बातों पर किसी का ध्यान नहीं है। ये मुद्दे कोई नहीं उठा रहा। जिस अग्रवाल परिवार का समाज सेवा के मामले में लंबा इतिहास रहा है, उनकी पगड़ी उछालने में जी-जान लगा दी। बैठक में पुनीत के खिलाफ लगाए गए मुकदमे को वापस लेने की मांग की गई।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए शहर के जाने माने समाजसेवी दिनेश बंसल कातिब ने कहा कि इस मामले में मीडिया ने मर्यादा का पालन नहीं किया। उसने कानून को अपने हाथ में लेकर पुनीत को फंसवाया। सतीश इंजीनियर ने कहा कि मीडिया के कुछ लोगों ने थाने पर पुनीत के साथ मारपीट की और जबरन उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए पुलिस को बाध्य कर दिया । वैश्य एकता परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद अग्रवाल ने  पुनीत को झूठा फंसाए जाने की निंदा करते हुए इस मामले में समाज को एकजुट होने का आह्वान किया।

वैश्य एकता परिषद के प्रदेश मुख्य महासचिव विनय अग्रवाल ने कहा कि  पुष्पांजलि समूह के चेयरमैन वीडी अग्रवाल ने लंबे समय से समाज सेवा कर जो प्रतिष्ठा अर्जित कर दी, मीडिया के कुछ लोगों ने उसे धोने में कोई कसर बाकी नहीं रखी। यह बहुत ही शर्मनाक है। यदि इस प्रवृत्ति पर अंकुश नहीं लगा तो यह समाज के लिए घातक होगा। सुरेश चंद्र अग्रवाल ने कहा कि मीडिया ने पुनीत के मामले में जो भूमिका निभाई, वह निंदनीय है। यह कानून की अवमानना का मामला बनता है।

 
पत्रकारिता भटक रही है: चौधरी वाजिद निसार
आगरा। समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष चौधरी वाजिद निसार ने कहा कि आज पत्रकारिता अपनी दिशा से भटक रही है। बिना छानबीन किए फोटो छाप दिए जाने वाला कृत्य किसी की जान भी ले सकता है। उन्होंने कहा कि पहले पत्रकार की कलम से आईएएस और आईपीएस डरते थे, लेकिन अब पत्रकारों की कलम में वह धार नहीं रही। वाजिद निसार ने कहा कि यह कहने में कोई गुरेज नहीं कि आज पत्रकारों का आईएएस तथा आईपीएस से गठबंधन हो गया है। आज कलम ब्लैकमेल के लिए चल सकती है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता में आ रही नई पीढ़ी अनुभवहीन है। नई पीढ़ी के पत्रकारों द्वारा नेताओं तथा अधिकारियों से पूछे जाने वाले सवाल स्तरीय नहीं होते हैं।

 
पीत पत्रकारिता से मूल्यों में आई गिरावट : अवनींद्र
आगरा। समाजवादी पार्टी के मीडिया प्रभारी अवनींद्र कुमार यादव का कहना है कि पीत पत्रकारिता से पत्रकारों के मूल्यों में गिरावट आई है। यह बहुत ही चिंतनीय तथा गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि यूं तो समाज के सभी अंगों में नैतिक मूल्यों में गिरावट आई है। चौथे स्तंभ यानि मीडिया को लेकर जो परिकल्पना की गई थी, उसमें भी काफी गिरावट आई है। इससे समाज के अहित होने का अंदेशा हमेशा बना रहता है।

श्री यादव ने कहा कि मीडियाकर्मियों के नैतिक मूल्यों में जो गिरावट आ रही है, उसका प्रभाव सिर्फ पत्रकारिता क्षेत्र पर ही नहीं बल्कि संपूर्ण समाज पर पड़ता है। समाज में पत्रकारिता को आईना के रूप में देखा जाता है। समाज के लोगों को पत्रकारों से काफी उम्मीदें होती हैं। परंतु आज मीडिया अपनी जिम्मेदारी पर खरा नहीं उतर रहा है। इसलिए पत्रकारों को अपने कामकाज के तौर तरीके से आत्म चिंतन करना चाहिए। आत्मलोचन करके ही मीडिया अपने में सुधार कर सकता है।

पत्रकारिता क्षेत्र में विकृतियां आर्इं : सुमन
आगरा। सपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री रामजीलाल सुमन ने कहा कि पत्रकारिता का उद्देश्य सच्चाई को उजागर कर पीड़ितों की मदद करना है। परंतु जो विकृतियां सियासत में पैदा हो गई हैं, वहीं पत्रकारिता क्षेत्र में भी विकृतियां आ गई हैं। अगर पत्रकार अपने काम को निष्पक्ष तथा सही तरीके से करें तो वह सारे काम, जो प्रशासनतंत्र अवैध रूप से करता है, उस पर लगाम लगाई जा सकती है। श्री सुमन ने कहा कि चौथे स्तंभ कहे जाने वाले मीडिया का समाज में बहुत ही सम्मान है। मीडिया को समाज के लोग उम्मीद भरी नजरों से देखते हैं, एक तरह से मीडिया को समाज का आईना कहा जाता है। परंतु पत्रकारिता में विकृतियां आने से मीडिया का वह चरित्र समाज में नहीं रहा है। इसलिए पत्रकारों को अपनी जिम्मेदारी को समझना चाहिए और उसका सही तरीके से निर्वह्नन करना चाहिए। इससे समाज को सही दिशा मिल सके और सच्चाई की तस्वीर अखबारों के माध्यम से उजागर हो सके।

चरित्र हनन का अधिकार किसी को नहीं: डॉ. राजेंद्र सिंह
आगरा। समाजवादी पार्टी के नेता एवं पूर्व विधायक डॉ. राजेंद्र सिंह ने कहा कि पत्रकार का मतलब समाज को संदेश देना होता है ताकि लोगों को लगे कि यह काम अच्छा है और इस काम को नहीं करना है। पत्रकारों पर नैतिक मूल्यों की रक्षा करने की अहम जिम्मेदारी होती है। वर्तमान हालात में मीडिया अपनी जिम्मेदारी से भटक रहा है। उन्होंने कहा कि हमें समाज हित की चीजों, जिससे कि बहुसंख्य लोगों को लाभ मिले को हाईलाइट करना चाहिए। बिना छानबीन और तह में जाए बिना कोई खबर नहीं छापनी चाहिए। डॉ. सिंह ने कहा कि हर चीज को एक चश्मे से नहीं देखना चाहिए। शहर के संभ्रात पुनीत अग्रवाल के चरित्र हनन करने का अधिकार मीडिया को नहीं है। विवेचना का काम पुलिस का होता है, यह विवेचना पारदर्शी होना चाहिए ताकि किसी भी व्यक्ति का अहित विवेचक की कलम से न हो। उन्होंने कहा कि नैतिक मूल्यों की रक्षा कर पत्रकारिता से ऐसे मूल्य स्थापित करने चाहिए ताकि चरित्र हनन न हो। सनसनी फैलाना हमारा उद्देश्य नहीं होना चाहिए। मीडिया को यह बात भलीभांति समझनी होगी कि जो दिख रहा है, वह सही है अथवा गलत है। किसी मामले को अनावश्यक तूल दिया जाना समाज हित में नहीं है, साथ ही पत्रकारिता के नैतिक मूल्यों के विपरीत है।

आगरा से प्रकाशित अखबार पुष्प सवेरा से साभार

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