‘दैनिक जागरण में राजनीति तो होती ही है, फिर भी झा साहब जहां खड़े होंगे, लाइन वहीं से शुरू होगी’

मनोज झा तमाम प्रशंसा और निंदा से ऊपर हैं। संतों की तरह रहते हैं, जैसे हैं, वैसे दिखते हैं। कोई छल नहीं, कोई कपट नहीं। जो मन में आता है, कहते हैं, न कोई राज न कोई राजनीति। भोले के भक्त हैं और भोले भी हैं, यही वजह है कि वो खुद राजनीति के शिकार हो जाते हैं।

उनके तमाम दुश्मन हैं और रहेंगे भी, क्योंकि दैनिक जागरण में राजनीति तो होती ही है, फिर भी झा साहब जहां खड़े होंगे, लाइन वहीं से शुरू होगी। झा साहब ही हैं, जिनमें फुर्ती के लिए सुर्ती की जरूरत नहीं पड़ेगी।

उपरोक्त टिप्पणी दैनिक जागरण, मेरठ में कार्य कर चुके और इन दिनों आजतक न्यूज चैनल में वरिष्ठ पद पर कार्यरत विकास मिश्रा ने भड़ास पर प्रकाशित पोस्ट दैनिक जागरण, मेरठ के संपादकीय प्रभारी मनोज झा का 'सुर्ती कांड'! को पढ़ने के बाद की.

अपने मोबाइल पर भड़ास की खबरें पाएं. इसके लिए Telegram एप्प इंस्टाल कर यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *