दैनिक भास्‍कर के पत्रकार पर हमला, कैमरा-मोबाइल लूटा

: पुलिस ने जबरिया लिखवाया राजीनामा : भिंड जिले के फूप कस्बे के दैनिक भास्कर संवाददाता अरविंद शर्मा को फूप गल्ला मंडी में चल रही गेंहू की सरकारी खरीद के दौरान किसानों के बीच विवाद की सूचना मिली. किसान पहले गेहूं तौलवाने को लेकर एक-दूसरे से उलझे हुए थे. इस सूचना के बाद कवरेज को पहुंचे अरविंद शर्मा जब फोटो खींच रहे थे, उसी समय गल्ला मंडी में मौजूद छोटल्ले, चीने व भरत जाटव ने पत्रकार का कैमरा छीन लिया. इसके बाद उनसे मारपीट करते हुए उनका मोबाइल भी छीन लिया.

दरअसल, ये तीनों मंडी में कर्मचारियों से साठगांठ करके गेहूं बेचने आने वाले किसानों से पैसा लेकर उनका गेहूं पहले तौलवा देते थे. इस काम के लिए ये लोग प्रति ट्राली दो सौ से लेकर पांच सौ रुपये तक वसूलते थे. इसी बात को लेकर वहां विवाद हुआ था कि बाद में आने वाले लोगों की तौल पहले कैसे की जा रही है. जब लुटे-पिटे अरविंद अपनी शिकायत लेकर थाने पहले तो थाना प्रभारी डीए बैस ने उनकी बात सुनने से ही इनकार कर दिया. इतना ही नहीं थानेदार ने अ‍रविंद को रात एक बजे तक थाने में ही बैठाए रखा.

इसी दौरान हमला करने वाले तीनों आरोपियों के पिता के साथ पहुंचे. इसमें वार्ड नम्‍बर चार के पार्षद तथा भरत जाटव का पिता राम जाटव भी था. वो अपने कई महिला तथा पुरुष समर्थकों के साथ थाने पहुंचा था. वहां पर वह कुछ महिलाओं पर पत्रकार द्वारा अभद्रता करने की रिपोर्ट लिखवाने का दबाव बनाने लगा. इसके बाद थाना प्रभारी ने अरविंद शर्मा पर दबाव बनाया कि राजीनामा कर लो नहीं तो तुम्‍हारे ऊपर भी घर में घुसकर महिलाओं छेड़छाड़, मंगलसूत्र लूट और हरिजन एक्‍ट की धारा लगा दी जाएगी.

इससे परेशान अरविंद ने जब एसडीपीओ कमलेश खरपूसे से पूरी बात बताई तो उन्‍होंने भी कोई मदद करने की बजाय हरिजन उत्‍पीड़न एक्‍ट का डर दिखा दिया. कई तरफ से दबाव बनाकर पुलिस ने रात को एक बजे जबरदस्‍ती अरविंद से राजीनामा पर साइन कराकर घर भेज दिया. पुलिस ने ना ही इस मामले में निष्‍पक्ष जांच की और ना ही पत्रकार का कैमरा व मोबाइल वापस कराया. इसके बाद से हमला करने वालों का मन और बढ़ गया है. पत्रकार भी रणनीति बना रहे हैं.

भिड़ से प्रदीप शर्मा की रिपोर्ट.

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