दैनिक सन्मार्ग ने निष्पक्ष पत्रकारिता की, बाकी दैनिक बिके

: छात्र की पिटाई से कान की झिल्‍ली फटी : बिहार शरीफ : नालंदा जिले के निजी स्कूल संचालकों द्वारा खुद सरकारी प्रावधानों का खुल्लम -खुल्ला उल्लंघन किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर मामूली गलती करने पर स्कूल संचालकों द्वारा छात्रों को बेरहमी से पिटाई की जाती है. बताया जाता है कि सुदूरवर्ती वेन प्रखंड के बडी आट में एक शिक्षक की पिटाई से छात्र को अँधा बनाने का मामला अभी ठंडा नही हुआ था कि पुनः एक बार फिर नया मामला प्रकाश में आया है.

बिहार शरीफ शहर के दीपनगर थाना क्षेत्र के पहडपुरा स्थित कैमब्रिज विद्यालय के निदेशक ने बुधबार को मामूली गलती किये जाने पर छात्र को बेरहमी से पिटाई की, जिससे आंख और कान बुरी तरह जखमी हो गया. चोटिल छात्र मो. कमल और प्रणय कुमार का इलाज शहर के एक निजी क्‍लीनिक में कराया जा रहा है. जख्मी छात्र के पिता बनौलिया निवासी मो. मुस्तफा हसन और दूसरे जख्मी के चाचा कुणाल गौतम ने इस संवाददाता को बताया कि स्कूल बस की सीट को कोई छात्र ने फाड़ दिया था. इसी बात को लेकर स्कूल के निदेशक अरविद कुमार ने अपने कक्ष में बुलबाकर छात्र को बेरहमी से पिटाई करनी शुरू कर दी, जिससे दो छात्र को आंख तथा कान में गम्भीर चोटे आई हैं. डाक्टर का कहना है कि कान की झिल्‍ली फट गई है. अभिभावक, निदेशक के खिलाफ मामला दर्ज करवाने की बात कह रहे है.  
    
बताया जाता है कि घटना कि सूचना मिलते ही पब्लिक स्कूल एसोसिएशन से जुड़े कई स्कूल के संचालक मामला को दबाने के लिए सक्रिय हो गए. धन एवं अपनी पहुंच का भरपूर फायदा उठा कर दवाब बनाने तथा मामला को शांत करने में जुटे हैं. छात्र की पिटाई के मामले को दबाने तथा बदनामी से बचने के लिए एसोसिएशन के लोग अखबार में समाचार रोकवाने के लिए पैसा तथा विज्ञापन का लालच भी दिया. जिससे तमाम अखबारों ने इस खबर को दबा दिया, परन्तु दैनिक -सन्मार्ग इस झांसा में नहीं आया तथा निष्‍पक्ष पत्रकारिता के मयार्दा का पालन करते हुए उक्त अखबार ने खबर को प्रमुखता  से छापा.   
      
बताया जाता है कि कुछ माह पूर्व इसी विद्यालय के एक छात्र की बेरहमी से पिटाई कि गयी थी. गम्भीर चोट के कारण वह कई दिनों तक स्कूल नहीं जा सका था. बिहार शरीफ शहर के बीचो-बीच है -कैरियर पब्लिक स्कूल ..यहाँ के प्राचार्य कभी स्कूल फीस समय पर नहीं देने पर तो कभी ड्रेस साफ नहीं पहन कर आने पर छात्रों की पिटाई कर देते हैं. कुछ साल पूर्व खोले गए इस स्कूल के संचालक आज करोड़पति बन गए हैं. बिना मान्‍यता के खुलेआम सीबीएसई तथा बीएसईबी से मान्यता होने का बैनर लगा लेते हैं. बताया जाता है कि शहर में नामात्र के ही सीबीएसई से मान्यता प्राप्त स्कूल है. स्कूल संचालक बिना मान्यता के ही स्कूल चला खुले-आम जिला प्रशासन व आम जनता की आखों में धूल झोंककर छात्रों के अभिभावकों से मोटी फीस वसूल रहे हैं.जिला प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है.

नालंदा से संजय कुमार की रिपोर्ट.

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