दो टीवी पत्रकारों पर आसाराम समर्थकों के हमले की मनीष तिवारी समेत कई नेताओं-संगठनों ने की निंदा

नई दिल्ली : सूचना और प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने स्वयंभू गुरु आसाराम के समर्थकों द्वारा जोधपुर में दो टीवी पत्रकारों पर किए गए हमले की निंदा की। मंत्री ने ट्वीट किया, ‘एक धार्मिक उपदेशक के अनुयायियों द्वारा पत्रकारों पर हमला बेहद निंदनीय और परेशान करने वाला है।’ तिवारी ने पूछा, ‘क्या वह अपने अनुयायियों को यही पढ़ाते और सिखाते हैं?’ आश्रम में आसाराम के समर्थकों ने कथित तौर पर एक टीवी रिपोर्टर और एक कैमरामैन पर हमला किया। टीवी पत्रकार ने बताया कि वे आसाराम के आश्रम में कवरेज करने गए थे। तभी उनके कुछ समर्थकों ने उन पर हमला किया और उनका कैमरा छीन लिया। 
 
यौन उत्पीड़न केस में एक तरफ आसाराम बापू गिरफ्तारी से बचने के लिए इधर-उधर भाग रहे हैं, वहीं उनके समर्थकों ने शनिवार सुबह जोधपुर में आसाराम के आश्रम के बाहर मीडिया कर्मियों पर हमला कर दिया। इस हमले में आश्रम के बाहर कवरेज करने पहुंचे कई अखबार और टीवी पत्रकार घायल हो गए।  एक नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न के आरोपों में फंसे आध्यात्मिक गुरु आसाराम बापू के समर्थकों ने यहां उनके आश्रम में एक टीवी रिपोर्टर और एक कैमरामैन को हमला कर घायल कर दिया। पीड़ित टीवी पत्रकार ने कहा, ‘हमें सूचना मिली थी कि आसाराम के समर्थक विभिन्न स्थानों से यहां आ रहे हैं जिसकी कवरेज़ के लिए हम यहां आए थे। हमारे पहुंचते ही उनके कुछ समर्थकों ने हमें निशाना बनाया और हमारा कैमरा छीन लिया। स्थानीय लोग हमें बचाने आए।’ 
 
पत्रकार ने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारियों ने उसकी फोन कॉल का जवाब नहीं दिया। पुलिस ने बताया कि दोनों मीडियाकर्मियों की चिकित्सकीय जांच कराई जाएगी और हमले में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दरअसल आसाराम के समर्थक इस बात को लेकर गुस्से में हैं कि मीडिया उन्हें एक दोषी की तरह पेश कर रहा है। इससे पहले शुक्रवार को भी मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी आसाराम के समर्थकों ने मीडियाकर्मियों की जमकर पिटाई कर दी थी और कैमरे भी तोड़ दिए थे। मीडिया पर हमले के आरोप में अभी तक छह लोगों को हिरासत में लिया गया है। इसमें जोधपुर आसाराम आश्रम का केयर टेकर भी शामिल है। 
 
सूचना और प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि मीडिया पर हमला दुर्भाग्यपूर्ण है। जेडीयू नेता शरद यादव ने इस घटना पर कहा कि आसाराम को तत्काल गिरफ्तार करना चाहिए था। सरकार को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। मीडिया पर हमला निंदनीय और चिंता की बात है। ब्रॉडकास्ट एडिटर्स एसोसिएशन (बीईए) ने भी आसाराम समर्थकों की इस हरकत की निंदा करते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं चंडीगढ़ प्रेस क्लब ने भी इस हमले को निंदनीय करार दिया।

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