नईदुनिया के जागरण प्रबंधन के हाथों जाने के बाद भारी उथल-पुथल हुई है। कई लोगों ने छोड़ दिया और कई को जबरन छोड़ने पर मजबूर कर दिया गया! लेकिन, ग्रुप के भोपाल एडिशन 'नवदुनिया' के प्रसार विभाग के एक कर्मचारी अभिषेक गुप्ता के आत्महत्या कर लेने से ये सच भी सामने आया है कि ग्रुप के अन्दर कर्मचारियों पर किस हद तक दबाव है। ये घटना है तीन चार दिन पुरानी है, जब एक कर्मचारी अभिषेक गुप्ता पुत्र ललित गुप्ता ने प्रबंधन के दबाव से त्रस्त होकर फाँसी लगा ली।
अभिषेक की जल्द ही शादी होने वाली थी। अभिषेक एक सुसाइड नोट भी लिखकर गया है, जिसमे उसने ख़ुदकुशी का कारण नईदुनिया प्रबंधन का दबाव और प्रताड़ना बताया है। सूत्रों का कहना है कि इस कर्मचारी के साथ कुछ दिनों पहले दफ्तर में कॉपी बढ़ाने और वसूली को लेकर मारपीट भी हुई थी। इस घटना की रिपोर्ट भोपाल के गोविन्दपुरा थाने में हुई है। बताते हैं कि नईदुनिया प्रबंधन की तरफ से इस मामले को दबाने और आत्महत्या का कारण कुछ और साबित करने की कोशिशें हो रही है। पुलिस पर दबाव बनवाया जा रहा है। पुलिस अभिषेक के घरवालों के बयान लेने की तैयारी कर रही है। पुलिस की तफ्तीश के बाद पूरा सच सामने आ जाएगा। नवदुनिया के सूत्र बताते हैं कि इस तरह का दबाव सिर्फ प्रसार या मार्केटिंग वालों पर ही नहीं सम्पादकीय के लोगों पर भी है।





