नईदुनिया में छंटनी जारी, अब जेएनई कृष्‍णा सिंह, शाहीना नूर एवं लक्ष्‍मी नारायण की बारी

नईदुनिया, दिल्‍ली से खबर है कि तीन और लोगों को बलि का बकरा बनाया गया है. अब जिस तरह से छंटनी की जा रही है, उससे लोगों में खासी नाराजगी है. अब कर्मचारी आलोक मेहता के हिप्‍पोक्रेसी पर भी उंगली उठाने लगे हैं. इस बार जिन तीन लोगों को शिकार बनाया गया है. उसमें वरिष्‍ठ पत्रकार एवं ज्‍वाइनंट न्‍यूज एडिटर कृष्‍णा सिंह, सब एडिटर लक्ष्‍मीनारायण एवं सब एडिटर शाहीना नूर शामिल हैं. लक्ष्‍मी एवं शाहीना फीचर डेस्‍क पर कार्यरत थे.

सूत्र बता रहे हैं कि ज्‍वाइंट न्‍यूज एडिटर कृष्‍णा सिंह बहुत ही सुलझे हुए तथा कंपनी के प्रति लॉयल पत्रकार हैं. उनसे इस्‍तीफा मांगा जाना सबसे निराशाजनक है. कर्मचारियों का कहना है कि आलोक मेहता अपने लखटकियां मित्रों तथा दरबारियों को बचाने के लिए छोटे-छोटे सेलरी वालों को निशाना बना रहा है. कर्मचारी तो यहां तक कह रहे हैं कि ये लिस्‍ट प्रबंधन की तरफ से नहीं आई है बल्कि आलोक मेहता ने ही यह लिस्‍ट इंदौर भेजी है. इस छंटनी में मैनेजमेंट की नहीं बल्कि आलोक मेहता की भूमिका है.

कर्मचारियों का कहना है कि अगर अखबार डूब रहा है तो प्रबंधन तथा आलोक मेहता को चाहिए कि उन लोगों को हटाएं जो लाखों की सेलरी लेकर कंपनी को कोई योगदान नहीं दे रहे हैं. कभी कभार एकाध खबरें देकर ये लोग लाखों पा रहे हैं, जबकि कुछ हजारों में काम करने वाले तथा सबसे ज्‍यादा मेहनत करने वाले लोगों को आलोक मेहता अपना निशाना बना रहे हैं. कम से कम अनूप भटनागर, केएन सिंह और कृष्‍णा सिंह जैसे सीनियर एवं सीं‍सियर पत्रकारों के साथ तो ऐसा नहीं किया जाना चाहिए था. खासकर अनूप भटनागर के साथ जिस तरह का व्‍यवहार किया गया वो कहीं से भी उचित नहीं था.

कर्मचारियों का कहना है कि कुछ हजार पाने वालों को निकालकर आलोक मेहता एवं प्रबंधन कितना बचा लेगा. संपादकजी अगर मधुसूदन आनंद, मानसी, विनोद अग्निहोत्री जैसे कुछ लोगों को निकाल देता तो इससे ज्‍यादा क‍ी बचत होती, जो अखबार का काम करने की बजाय टीवी पर ज्ञान बांटते नजर आते हैं. पर आलोक मेहता इन लोगों को ही बचाने के लिए दूसरे लोगों या काम करने वाले असली लोगों की बलि ले रहे हैं. पिछले तीन दिनों में दस लोगों की छंटनी के बाद कार्यालय में तनाव के साथ अविश्‍वास का माहौल भी है. सभी लोग सहमे हुए हैं कि पता नहीं किस की बलि चढ़ जाए.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *